केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को घर, फ्लैट या प्लॉट खरीदने के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) की सुविधा देती है। हाल ही में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने HBA से जुड़े नियमों और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQ) का एक नया कंपेंडियम जारी किया है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी केंद्रीय कर्मचारी अधिकतम 1.25 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीद सकता है, लेकिन एडवांस की राशि सीमित होगी और अधिकतम 25 लाख रुपये तक ही दी जाएगी।
नियमों के अनुसार कितना बड़ा घर खरीदा जा सकता है?
HBA के मौजूदा नियमों में यह प्रावधान है कि कोई कर्मचारी अपनी बेसिक पे का 139 गुना या फिर अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का घर खरीद सकता है। हालांकि, अगर विभागाध्यक्ष (HOD) उचित कारण समझते हैं तो इसमें 25% तक की अतिरिक्त छूट दी जा सकती है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी 1.25 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने के लिए HBA नियमों का लाभ ले सकता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि चाहे घर की कीमत कितनी भी हो, एडवांस के रूप में सरकार से अधिकतम 25 लाख रुपये ही मिलेंगे।
एडवांस की सीमा कैसे तय होगी?
कंपेंडियम में साफ कहा गया है कि किसी कर्मचारी को मिलने वाला हाउस बिल्डिंग एडवांस तीन अलग-अलग आधार पर तय किया जाएगा:
1. 34 महीने का बेसिक पे
2. 25 लाख रुपये
3. घर/फ्लैट की वास्तविक कीमत
इनमें से जो राशि सबसे कम होगी, वही एडवांस के रूप में दी जाएगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी का बेसिक पे कम है तो एडवांस की राशि भी सीमित रहेगी, चाहे घर की कीमत अधिक ही क्यों न हो।
ब्याज दर और अन्य शर्तें
वर्तमान समय में HBA पर 7.44% ब्याज दर लागू है। यह ब्याज दर हर वित्तीय वर्ष की समीक्षा के बाद वित्त मंत्रालय और अन्य विभागों की सलाह से संशोधित की जाती है। यानी आगे चलकर इसमें बदलाव हो सकता है।
इसके अलावा, अगर कोई कर्मचारी पहले से ही किसी बैंक या वित्तीय संस्था से होम लोन ले चुका है, तो उसे अपना लोन HBA में ट्रांसफर करने की भी अनुमति है। हालांकि यह सुविधा केवल स्थायी केंद्रीय कर्मचारियों को ही उपलब्ध है।