मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आलीराजपुर जिले के दौरे में जनजातीय संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और विकास योजनाओं को केंद्र में रखा। दौरे के दौरान उन्होंने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाभरा, जिसे अब चंद्रशेखर आजाद नगर कहा जाता है, पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव में शामिल होकर नर्मदा जल, सिंचाई और सड़क निर्माण से जुड़ी कई घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर भील जनजाति की संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान की भूमि है। उन्होंने स्थानीय आस्था स्थलों को नमन करते हुए कहा कि संस्कृति विभाग के सहयोग से चंद्रशेखर आजाद से जुड़े स्थानों को दर्शनीय रूप में विकसित किया जाएगा। दौरे में जिले के लिए 171 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी दी गई।
आजाद की जन्मस्थली पर श्रद्धांजलि
शहीद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली पहुंचे। यहां उन्होंने आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने आजाद कुटिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चंद्रशेखर आजाद नगर में उनके नाम से एक भव्य पार्क बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजाद से जुड़े स्थलों को नई पहचान देने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वतंत्रता आंदोलन की इस विरासत को निकट से समझ सकें। उनके अनुसार, यह केवल स्मारक निर्माण का विषय नहीं, बल्कि इतिहास और जनजागरण को जोड़ने का प्रयास है।
उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
दौरे के दूसरे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उदयगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने भगोरिया उत्सव में भाग लिया। उन्होंने कहा कि भगोरिया उमंग, मेल-मिलाप और सामाजिक स्नेह का महोत्सव है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश का राजकीय पर्व बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा भगोरिया को राजकीय पर्व का दर्जा दिया जाना जनजातीय परंपराओं के सम्मान का प्रतीक है।
“यह उमंग और सामाजिक स्नेह का महोत्सव है। भगोरिया को राजकीय पर्व का दर्जा देना जनजातीय परंपराओं के सम्मान का प्रतीक है।” — डॉ. मोहन यादव
भगोरिया पर्व के मंच से मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं को लेकर भी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उदयगढ़ क्षेत्र में नर्मदा जल उपलब्धता के लिए 28 गांवों का सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे का उद्देश्य उन गांवों की जरूरत, भौगोलिक स्थिति और जलापूर्ति की व्यवहार्यता का आकलन करना है।
नर्मदा परियोजना से 170 गांवों तक सिंचाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1800 करोड़ रुपये की नर्मदा सिंचाई परियोजना पर काम प्रगति पर है। इस परियोजना के पूरा होने पर 170 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। कृषि आधारित क्षेत्रों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी।
नर्मदा जल को लेकर की गई ताजा घोषणा को इसी व्यापक योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले चरण में 28 गांवों का सर्वे कराया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार होगी। सरकार का फोकस उन क्षेत्रों पर है जहां पेयजल और सिंचाई दोनों की जरूरत लंबे समय से बनी हुई है।
उदयगढ़ क्षेत्र में 18 किलोमीटर नई सड़कें
मुख्यमंत्री ने उदयगढ़ क्षेत्र में 18 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण की घोषणा भी की। सड़क निर्माण का यह प्रस्ताव दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों की आवाजाही बेहतर करने के उद्देश्य से रखा गया है। क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।
दौरे के दौरान अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने आजाद पार्क निर्माण, रानी काजल माता लोक समेत कई मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया। हालांकि, इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन की समय-सीमा और विस्तृत योजना पर अलग से प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जनजातीय अस्मिता और विकास को साथ रखने का संदेश
आलीराजपुर दौरे में मुख्यमंत्री ने बार-बार जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और विकास के समन्वय की बात कही। एक ओर उन्होंने भगोरिया जैसे पारंपरिक पर्व को सरकारी मान्यता और सम्मान से जोड़ा, वहीं दूसरी ओर जल, सिंचाई, सड़क और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं पर फोकस किया।
दौरे के क्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि आजाद से जुड़े स्थानों को सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से विकसित करने पर काम होगा। भाभरा और आसपास के स्थलों के उन्नयन से स्थानीय पहचान को बल मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के आलीराजपुर दौरे में इतिहास, परंपरा और विकास तीनों बिंदु प्रमुख रहे। एक तरफ शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली पर श्रद्धांजलि और पार्क निर्माण की घोषणा हुई, तो दूसरी तरफ 28 गांवों के सर्वे, 170 गांवों तक सिंचाई और 18 किलोमीटर सड़क निर्माण जैसे ठोस विकास प्रस्ताव सामने आए। जिले के लिए 171 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा ने इस दौरे को प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया है।