मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, OBC जनगणना रोकने का आरोप, बोले- भ्रम फैलाना ही विपक्ष की रणनीति

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में ओबीसी जनगणना के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय की बात तो करती है, लेकिन उसके राजनीतिक रुख और पुराने फैसलों में विरोधाभास दिखता है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच अविश्वास बढ़ाने वाली राजनीति करती रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में ओबीसी वर्ग से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा। उनका कहना था कि पिछड़े वर्गों को अधिकार और प्रतिनिधित्व देने की बात केवल चुनावी मंचों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विषय पर गंभीर नीति और ठोस कदमों की जरूरत है, न कि केवल राजनीतिक घोषणाओं की।

भोपाल में दिए गए इस बयान के दौरान मोहन यादव ने सामाजिक समरसता का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की है। उनके मुताबिक, किसी भी तरह की ऐसी राजनीति से बचना चाहिए जो जातीय या सामाजिक तनाव को बढ़ाए।

ओबीसी जनगणना पर राजनीतिक टकराव

ओबीसी जनगणना को लेकर पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर राजनीतिक बहस तेज रही है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठाती रही है, जबकि भाजपा की ओर से अलग-अलग मंचों पर इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जोड़कर देखा गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान मध्य प्रदेश की राजनीति में नई प्रतिक्रिया लेकर आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़े वर्गों के हितों पर चर्चा करते समय तथ्यों, नीतियों और प्रशासनिक क्षमता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि समाज के संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करता है।

सामाजिक सौहार्द बनाम वोट राजनीति का सवाल

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सामाजिक समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव का माहौल बनाकर चुनावी लाभ लेने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति को विकास, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी सहित सभी वंचित वर्गों को न्याय दिलाने के लिए योजनाओं का असर जमीन पर दिखना जरूरी है। राजनीतिक बयान और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अंतर को जनता समझती है, इसलिए नीति स्तर पर स्पष्टता सबसे महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस पर पुराने रुख को लेकर सवाल

मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी ने कई बुनियादी सामाजिक सवालों पर अपेक्षित सुधार नहीं किए। उन्होंने दावा किया कि अब वही मुद्दे राजनीतिक तौर पर उठाए जा रहे हैं। इस टिप्पणी के साथ उन्होंने कांग्रेस की नीयत और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ओबीसी जनगणना का मुद्दा आने वाले समय में राज्य की बहसों में बना रह सकता है। यह विषय सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व, संसाधनों की प्राथमिकता और नीति निर्माण से जुड़ा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान सरकार और विपक्ष के बीच वैचारिक खींचतान को और स्पष्ट करता है।

राज्य की राजनीति में आगे क्या

भोपाल से आए इस बयान के बाद यह साफ है कि सामाजिक न्याय, ओबीसी प्रतिनिधित्व और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दे मध्य प्रदेश की राजनीतिक भाषा में प्रमुख बने रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए अपनी सरकार की दिशा को समावेशी बताया, जबकि विपक्ष की तरफ से इस पर जवाबी प्रतिक्रिया की संभावना है। फिलहाल, ओबीसी जनगणना का सवाल राजनीतिक बहस के केंद्र में है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखे बयान देखने को मिल सकते हैं।