मोनालिसा-फरमान निकाह पर उठा नया विवाद, हिंदू उत्सव समिति ने जताई ‘लव जिहाद’ की आशंका, धर्म परिवर्तन पर नाम बदलने की मांग

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई मध्य प्रदेश के खरगोन की रहने वाली Monalisa Bhosle की केरल में हुई शादी अब विवादों में घिरती जा रही है। बताया जा रहा है कि उन्होंने Furman Khan से केरल में विवाह किया है, जिसके बाद कई सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में बहस तेज हो गई है और कुछ संगठनों ने इसकी जांच कराने की मांग की है।

संगठनों ने जताई ‘लव जिहाद’ की आशंका

मोनालिसा की शादी के मामले में Hindu Utsav Samiti और Sanskriti Bachao Manch ने गंभीर आपत्ति जताई है। संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष Chandrashekhar Tiwari ने इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए ‘लव जिहाद’ की आशंका जताई है। उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

शादी की प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल

चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यदि शादी किसी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से हुई है तो इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनके मुताबिक अगर फरमान खान ने हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह किया है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से हिंदू धर्म स्वीकार करने और नाम परिवर्तन की घोषणा करनी चाहिए। वहीं यदि मोनालिसा ने इस्लाम धर्म अपनाया है तो उन्हें भी इस बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी देनी चाहिए। उनका कहना है कि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत होता है।

केरल जाकर शादी करने पर भी उठे सवाल

तिवारी ने यह भी सवाल उठाया कि जब मोनालिसा मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं, तो विवाह के लिए केरल जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें कथित रूप से प्रेमजाल में फंसाया गया और जल्दबाजी में शादी करवाई गई। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की परिस्थितियों की जांच होना जरूरी है।

सरकार से जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग

संस्कृति बचाओ मंच का कहना है कि मंदिर में विवाह होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन किस प्रक्रिया के तहत यह विवाह कराया गया, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है। तिवारी ने कहा कि केरल को लेकर पहले भी ‘लव जिहाद’ जैसे आरोप सामने आते रहे हैं, इसलिए इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार को जांच कराकर स्थिति साफ करनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर विवाह पूरी तरह वैधानिक और सहमति से हुआ है, तो इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी जानी चाहिए ताकि किसी तरह की शंका या विवाद की स्थिति समाप्त हो सके।