नववर्ष के जश्न में घूमने की योजना बना रहे लोगों के लिए इस बार मध्य प्रदेश में यात्रा करना जेब पर भारी पड़ रहा है। खासकर भोपाल से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों—उज्जैन, ओंकारेश्वर और पंचमढ़ी—की ओर जाने वाले यात्रियों को महंगे टैक्सी किराए और फुल होटल्स की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। नए साल के मौके पर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण टैक्सी किराए आम दिनों के मुकाबले प्रति ट्रिप करीब 1000 रुपये तक बढ़ गए हैं। वहीं, एमपी टूरिज्म (MPTDC) के सभी होटल पूरी तरह बुक हो चुके हैं।
आमतौर पर भोपाल से उज्जैन जाने का टैक्सी किराया 2000 से 2500 रुपये के बीच रहता है, पंचमढ़ी के लिए 2200 से 2500 रुपये और ओंकारेश्वर के लिए 2800 से 3200 रुपये लिया जाता है। लेकिन नववर्ष के पीक सीजन में ये दरें तेजी से बढ़ गई हैं। उज्जैन और पंचमढ़ी के लिए अब टैक्सी का किराया 3000 से 3500 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ओंकारेश्वर जाने के लिए 3800 से 4200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। टैक्सी संचालकों का कहना है कि छुट्टियों में अचानक बढ़ी मांग, वाहनों की कमी और लगातार ट्रिप के दबाव के चलते किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
पर्यटन स्थलों में सबसे ज्यादा दबाव पंचमढ़ी में देखने को मिल रहा है। सतपुड़ा की वादियों में नए साल का जश्न मनाने पहुंचे पर्यटकों से पंचमढ़ी पूरी तरह भरा हुआ है। एमपी टूरिज्म की यहां मौजूद 11 यूनिट्स में करीब 180 से 190 कमरे हैं, जो सभी पहले ही बुक हो चुके हैं। निजी होटलों की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है—करीब 60 फीसदी कमरे फुल हैं। आम दिनों में जहां एक कमरे का किराया 4500 से 5000 रुपये के आसपास होता है, वहीं नववर्ष पर यह बढ़कर 6500 से 7000 रुपये तक पहुंच गया है।
धार्मिक नगरी उज्जैन में भी हालात कम चुनौतीपूर्ण नहीं हैं। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे होटल और धर्मशालाएं भर गई हैं। एमपीटीडीसी के तीन प्रमुख होटल पूरी तरह फुल हैं, जबकि निजी होटलों और धर्मशालाओं में भी गिने-चुने कमरे ही उपलब्ध हैं। यहां ठहरने के किराए में 25 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह ओंकारेश्वर में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीमित होटलों में मौजूद 50-60 कमरे पहले ही भर चुके हैं, जिससे देर से पहुंचने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
अन्य धार्मिक स्थलों की बात करें तो महेश्वर और मैहर माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी ठहरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को मजबूरी में कटनी और आसपास के कस्बों में रुकना पड़ रहा है। वहीं, भोपाल से नए साल के पहले दिन सीहोर के गणेश मंदिर, भोजपुर और सलकनपुर जाने वाले श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ है, जिसके चलते इन इलाकों के होटल भी लगभग फुल हो चुके हैं।
प्रदेश के बाहर हालात भी कुछ ऐसे ही हैं। गोवा, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे जैसे बड़े पर्यटन शहरों में नए साल के मौके पर फ्लाइट टिकट और होटल किराए आसमान छू रहे हैं। बढ़ी हुई मांग के चलते इन शहरों की यात्रा भी आम लोगों के लिए महंगी साबित हो रही है। कुल मिलाकर, नए साल का जश्न इस बार घूमने-फिरने वालों के लिए उत्साह के साथ-साथ खर्च का भी बड़ा इम्तिहान बन गया है।