एमपी बीजेपी में बड़े फेरबदल के संकेत: कई दिग्गज नेता दिल्ली में डेरा डाले, संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज

भोपाल: मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अंदरूनी समीकरणों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा) और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा समेत कई शीर्ष नेता दिल्ली पहुंच गए हैं। इस दौरे को निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा और आगामी 2023 विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

इन नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी ने प्रदेश संगठन में बड़े फेरबदल की अटकलों को हवा दे दी है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और अन्य केंद्रीय पदाधिकारी राज्य के नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी नतीजों पर चर्चा करेंगे और भविष्य की रणनीति तय करेंगे।

निकाय चुनाव के नतीजों ने बढ़ाई चिंता

हाल ही में संपन्न हुए 16 नगर निगमों के चुनाव में भाजपा को 7 मेयर सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना और रीवा जैसी महत्वपूर्ण सीटें कांग्रेस के खाते में चली गईं, जबकि सिंगरौली में आम आदमी पार्टी और कटनी में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की। यह परिणाम पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इनमें से कई शहर भाजपा के पारंपरिक गढ़ रहे हैं।

विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हार पार्टी के लिए चिंता का विषय है, जो केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इन नतीजों ने प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री पर नजरें

सूत्रों के अनुसार, निकाय चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की भूमिका की समीक्षा हो सकती है। पार्टी का एक खेमा इन परिणामों के लिए प्रदेश संगठन की रणनीति को जिम्मेदार मान रहा है। दिल्ली में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक के बाद उनके भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

मिशन 2023 की तैयारी पर फोकस

यह पूरी कवायद अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (मिशन 2023) को ध्यान में रखकर की जा रही है। भाजपा किसी भी कीमत पर मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखना चाहती है। निकाय चुनाव के नतीजों ने पार्टी को अपनी कमजोरियों को दूर करने और रणनीति पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व का लक्ष्य विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को चुस्त-दुरुस्त करना है।

दिल्ली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद हैं। इन बैठकों के बाद जो भी निर्णय लिए जाएंगे, वे मध्य प्रदेश भाजपा की आगे की दिशा तय करेंगे।