MP Board Exam: 10वीं-12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं पर रहेगी कड़ी निगरानी, परीक्षा प्रक्रिया में प्रेक्षकों की सीधी नजर

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अब पर्यवेक्षकों की सख्त निगरानी में होगी।

बोर्ड प्रशासन ने यह व्यवस्था मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से शुरू की है। पर्यवेक्षक परीक्षकों द्वारा की जाने वाली जांच पर नजर रखेंगे।

मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव

नई व्यवस्था के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मूल्यांकन उचित तरीके से हो रहा है। परीक्षकों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।

बोर्ड अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। पर्यवेक्षक यह भी देखेंगे कि अंक प्रदान करने में कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही।

पारदर्शिता पर जोर

एमपी बोर्ड की यह पहल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले वर्षों में मूल्यांकन को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से परीक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आएगी। उन्हें अधिक सावधानी और ईमानदारी से काम करना होगा। बोर्ड का मानना है कि इससे परिणामों की गुणवत्ता में सुधार होगा।

छात्रों को मिलेगा लाभ

यह व्यवस्था सीधे तौर पर छात्रों को लाभान्वित करेगी। उचित मूल्यांकन से उन्हें उनकी मेहनत का सही फल मिलेगा। गलत या पक्षपातपूर्ण जांच की संभावना कम होगी।

अभिभावकों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह कदम बोर्ड परीक्षाओं में विश्वास बहाल करने में मददगार साबित होगा।

कार्यान्वयन की तैयारी

बोर्ड प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। पर्यवेक्षकों का चयन और प्रशिक्षण जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्हें मूल्यांकन प्रक्रिया के सभी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।

यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशानिर्देश भी जारी किए जाएंगे कि पर्यवेक्षक अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा सकें। बोर्ड अधिकारी नियमित रूप से इस व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

एमपी बोर्ड का यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।