MP Board 2026: नकल रोकने के लिए मोबाइल ऐप से होगी परीक्षा केंद्रों की निगरानी, मूल्यांकन और सप्लीमेंट्री के नियम भी बदले

भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंडल सत्र 2026 से 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की निगरानी के लिए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके। इस हाई-टेक व्यवस्था का उद्देश्य ‘शून्य नकल’ के लक्ष्य को हासिल करना है।

यह फैसला पिछली परीक्षाओं के अनुभवों को देखते हुए लिया गया है, जहां कई बार निरीक्षकों की रिपोर्ट में बाद में हेरफेर की शिकायतें सामने आती थीं। नई प्रणाली के तहत, परीक्षा केंद्र पर मौजूद हर गतिविधि की सीधी जानकारी मुख्यालय तक पहुंचेगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो जाएगी।

ऐसे काम करेगा नया मॉनिटरिंग ऐप

मंडल द्वारा तैयार किया जा रहा यह मोबाइल ऐप परीक्षा प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। परीक्षा केंद्रों पर तैनात उड़नदस्ते, पर्यवेक्षक और केंद्राध्यक्ष इस ऐप का इस्तेमाल करेंगे। वे इसके माध्यम से परीक्षा केंद्र से लाइव तस्वीरें और वीडियो सीधे भोपाल स्थित बोर्ड मुख्यालय को भेज सकेंगे।

इस रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से यह सुनिश्चित होगा कि मौके पर जो रिपोर्ट तैयार की गई है, उसमें कोई बदलाव न किया जा सके। इसके अलावा, प्रश्नपत्रों को थानों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया की भी इसी ऐप के जरिए निगरानी की जाएगी ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

मूल्यांकन और पूरक परीक्षा के नियमों में बदलाव

तकनीकी सुधारों के साथ-साथ एमपी बोर्ड ने मूल्यांकन और परीक्षा के नियमों में भी कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का असर छात्रों के परिणामों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:

  • पुनर्मूल्यांकन बंद: सत्र 2026 से उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। छात्र अब केवल अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों की पुनर्गणना (Re-totaling) के लिए ही आवेदन कर सकेंगे।
  • पूरक परीक्षा का नियम: 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए पूरक परीक्षा के नियम को सख्त किया गया है। अब दो विषयों में फेल होने पर पूरक की पात्रता नहीं मिलेगी, बल्कि केवल एक विषय में अनुत्तीर्ण होने वाले छात्र ही पूरक परीक्षा दे पाएंगे।
  • परीक्षा पैटर्न: 10वीं की तरह अब 12वीं कक्षा में भी 80 अंकों की सैद्धांतिक परीक्षा और 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन/प्रैक्टिकल होगा। यह नया पैटर्न 2025 की परीक्षा से ही लागू हो जाएगा।

2025 की परीक्षा पुरानी व्यवस्था से ही होगी

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऐप-आधारित निगरानी प्रणाली को लागू करने की तैयारी सत्र 2026 के लिए है। इसका मतलब है कि आगामी 2025 की बोर्ड परीक्षाएं मौजूदा व्यवस्था के तहत ही आयोजित की जाएंगी, जिसमें मुख्य रूप से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाती है। बोर्ड का लक्ष्य 2026 तक नई प्रणाली को पूरी तरह से तैयार और परीक्षण कर लेना है ताकि इसे सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।