बजट के विरोध में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, ठेले पर स्कूटी और सिलेंडर रख निकली रैली, विधानसभा के बाहर विधायकों ने ताली बजाकर जताया विरोध

मध्य प्रदेश के बजट को लेकर सियासी विरोध तेज हो गया है। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने भोपाल में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और बजट को महिलाओं के हित में कमजोर बताया।

प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता तय कार्यक्रम के तहत एकत्र हुईं। इसके बाद वे जुलूस के रूप में मंत्री आवास की ओर बढ़ीं। रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और आवास के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य बजट में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई। पार्टी का आरोप है कि घोषणाओं और वास्तविक जरूरतों के बीच बड़ा अंतर है। इसी मुद्दे को लेकर घेराव का कार्यक्रम रखा गया।

बजट को लेकर राजनीतिक टकराव

बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने अलग-अलग बिंदुओं पर सरकार को घेरा है। महिला कांग्रेस ने अपने विरोध को महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक जरूरतों से जोड़ते हुए इसे राज्यव्यापी मुद्दा बताया। संगठन की ओर से कहा गया कि बजट पर जवाबदेही तय कराने के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने मंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की मांग की। उनका कहना था कि महिलाओं के हितों पर स्पष्ट प्रावधान और ठोस क्रियान्वयन तंत्र सामने आना चाहिए। प्रदर्शन का केंद्र यही संदेश रहा कि बजट पर राजनीतिक बहस के साथ जमीनी असर की भी समीक्षा हो।

मौके पर सुरक्षा और प्रशासनिक स्थिति

मंत्री आवास के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित दायरे से आगे बढ़ने से रोका गया। कुछ समय तक नारेबाजी और आगे बढ़ने की कोशिश चलती रही, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही और कोई बड़ा व्यवधान नहीं हुआ।

प्रशासन ने एहतियाती इंतजामों के साथ प्रदर्शन को संभाला। सुरक्षा कारणों से आवास क्षेत्र में आवाजाही सीमित रखी गई। विरोध कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ता वापस लौट गईं।

आगे की रणनीति पर संकेत

महिला कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि बजट के मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि जिला और संभाग स्तर पर भी विरोध कार्यक्रम तय किए जा सकते हैं। पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा और सड़क, दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी में है।

फिलहाल यह विरोध राज्य की बजट राजनीति में नया दबाव बिंदु बनकर सामने आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार विपक्ष के आरोपों पर क्या औपचारिक प्रतिक्रिया देती है और बजट प्रावधानों को लेकर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।