एमपी कैबिनेट: 21 हजार किमी सड़कों का होगा कायाकल्प, मोहन यादव सरकार ने दी दो बड़े बांधों को मंजूरी

मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की कनेक्टिविटी और सिंचाई व्यवस्था को सुधारने पर जोर दिया गया। कैबिनेट ने प्रदेश में 21 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण और मरम्मत के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। यह फैसला प्रदेश के सुदूर ग्रामीण और शहरी इलाकों में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि खराब सड़कों की वजह से आम जनता को हो रही परेशानियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इन सड़कों के कायाकल्प से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

सिंचाई के लिए दो बड़े बांधों को मंजूरी

सड़कों के साथ-साथ सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट बैठक में दो महत्वपूर्ण बांध परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन बांधों के निर्माण से प्रदेश के एक बड़े हिस्से में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पानी की कमी के कारण खेती प्रभावित होती रही है, वहां इन परियोजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, सरकार का विशेष ध्यान बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों पर है, जहां पानी की समस्या अक्सर बनी रहती है। कैबिनेट ने इन इलाकों में जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है। नई मंजूर की गई परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर जमीन सिंचित होने का अनुमान है।

पिछली बैठकों का संदर्भ

गौरतलब है कि इससे पहले भी मोहन यादव सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठकों में कई बड़े फैसले लिए हैं। पिछली बैठकों में लाड़ली बहना योजना और उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर सब्सिडी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याणकारी योजनाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। ताज़ा फैसले इसी कड़ी का हिस्सा हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन स्तर को प्रभावित करेंगे।

बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को इन विकास कार्यों का लाभ मिल सके।