MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: विकास कार्यों को मिली 33 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी, ‘CM केयर’ योजना से बदलेगी सेहत की तस्वीर

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई क्रांतिकारी निर्णयों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में किसानों की खुशहाली, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई।
किसानों के लिए मुआवजे की नई सौगात
सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय विकास कार्यों के लिए अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को पहले के मुकाबले चार गुना तक मुआवजा मिल सकेगा। कैबिनेट ने इसके लिए ‘मल्टिप्लिकेशन फैक्टर’ को 1 से बढ़ाकर 2 करने का निर्णय लिया है। इस कदम से न केवल किसानों को उनकी जमीन का उचित और आकर्षक मूल्य मिलेगा, बल्कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
‘सीएम केयर’ योजना: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश
कैबिनेट ने प्रदेशवासियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए “सीएम केयर” योजना को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 3,188 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
  • कैंसर के इलाज के लिए सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार।
  • कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी और अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) जैसी जटिल सेवाओं को जिला स्तर तक मजबूत करना।
  • मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ आधार पर रैनबसेरों का निर्माण, जिसका संचालन एनजीओ (NGO) करेंगे।
सड़कों और पुलों का बिछेगा जाल
प्रदेश की कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को 25,164 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी गई है। इसमें से करीब 10 हजार करोड़ रुपये बड़े पुलों के निर्माण पर और 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक ग्रामीण व जिला मार्गों के उन्नयन पर खर्च किए जाएंगे। इससे सुदूर अंचलों का संपर्क मुख्य शहरों से बेहतर होगा।
शिक्षा और सिंचाई: भविष्य की नींव
शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं के उत्साह को बरकरार रखते हुए नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों के लिए इस मद में 990 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं, सिंचाई के क्षेत्र में सरकार ने 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का महात्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उज्जैन की इन्दौरुद्रखेड़ा परियोजना और छिंदवाड़ा की केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े सिंचाई कॉम्पलेक्स को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से लाखों हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा और हजारों गांवों के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
निष्कर्ष….
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में लिए गए ये निर्णय दर्शाते हैं कि सरकार का फोकस संतुलित विकास पर है। जहाँ एक ओर किसानों को उनकी जमीन का हक दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश कर मध्य प्रदेश को एक ‘वेलफेयर स्टेट’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से आने वाले समय में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।