MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: मरीजों के परिजनों को मिलेंगे ‘शेल्टर होम’, किसानों के लिए 4 गुना मुआवजे का रास्ता साफ

भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, किसानों के हितों की रक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए पिटारा खोल दिया है। इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अस्पतालों में आने वाले तीमारदारों (अटेंडर्स) के लिए रहने-खाने की व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण पर मिलने वाले मुआवजे को लेकर लिया गया है।
मरीजों के परिजनों की राह होगी आसान: अब नहीं भटकना होगा दर-दर
अक्सर देखा जाता है कि बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ उनके परिजन भी आते हैं, जिन्हें रुकने और भोजन के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। कई बार लोग अस्पतालों के बाहर फुटपाथ या बरामदों में रात गुजारने को मजबूर होते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में ‘पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम’ बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
  • सस्ती दरों पर सुविधाएं: इन शेल्टर होम्स में मरीजों के परिजनों को बहुत ही कम शुल्क पर ठहरने और पौष्टिक भोजन की सुविधा मिलेगी।
  • निर्माणाधीन कॉलेजों में भी व्यवस्था: यह नियम केवल पुराने अस्पतालों के लिए नहीं, बल्कि वर्तमान में बन रहे नए मेडिकल कॉलेजों के लिए भी अनिवार्य कर दिया गया है।
  • सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी: सरकार इन शेल्टर होम्स के लिए केवल जमीन उपलब्ध कराएगी। भवन निर्माण, बिजली, पानी और रखरखाव की जिम्मेदारी उन सामाजिक संस्थाओं की होगी जो समाजसेवा के भाव से आगे आएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग चरणबद्ध तरीके से प्रस्ताव आमंत्रित करेगा।
किसानों की बल्ले-बल्ले: भूमि अधिग्रहण पर मिलेगा 4 गुना मुआवजा
कैबिनेट ने ग्रामीण इलाकों के किसानों को बड़ी राहत देते हुए ‘फैक्टर-2’ लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत, यदि सरकार किसी विकास कार्य या परियोजना के लिए ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि का अधिग्रहण करती है, तो संबंधित किसानों को उनकी जमीन की गाइडलाइन वैल्यू या बाजार मूल्य से 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। इस फैसले से राज्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (सड़क, बांध, उद्योग) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और किसानों को उनकी जमीन का उचित हक मिल सकेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 2000 करोड़ का बड़ा निवेश
प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने आगामी 5 वर्षों का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। कैबिनेट ने तय किया है कि सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब (Cath Lab) और ऑर्गन ट्रांसप्लांट (अंग प्रत्यारोपण) जैसी जटिल और महंगी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए 2000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लगभग 33 हजार करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
शिक्षा और सिंचाई: छात्रों और गांवों के लिए बड़ी सौगातें
कैबिनेट ने शिक्षा के स्तर को सुधारने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं:
  1. छात्रों को मिलेंगी साइकिलें: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों के लिए ‘साइकिल वितरण योजना’ को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस पर सरकार 990 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
  2. शिक्षक प्रशिक्षण: शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों (Training Institutes) के बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता विकास के लिए 1200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  3. सिंचाई परियोजना: उज्जैन संभाग के लिए 157 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना को हरी झंडी मिली है, जिससे क्षेत्र के 35 गांवों की हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
  4. छिंदवाड़ा को अतिरिक्त राशि: पुनर्वास पैकेज के अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले के लिए 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मंजूर की गई है।
‘सीएम केयर योजना 2026’ और नारी शक्ति वंदन
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए ‘सीएम केयर योजना 2026’ की निरंतरता को मंजूरी दे दी है। अगले 5 वर्षों में इस कल्याणकारी योजना पर 3,628 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही, कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री शिवाजी पटेल ने जानकारी दी कि ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी समस्याओं पर चर्चा के लिए विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र आयोजित करने का भी प्रस्ताव है।
निष्कर्ष: सर्वांगीण विकास पर जोर
आज की कैबिनेट बैठक के फैसलों से स्पष्ट है कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार का फोकस ‘अंत्योदय’ यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर है। जहाँ शेल्टर होम से गरीब मरीजों के परिजनों को सहारा मिलेगा, वहीं 4 गुना मुआवजे से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं पर हजारों करोड़ का निवेश मध्य प्रदेश को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।