मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में बीते कुछ दिनों से जारी तनाव को कम करने के लिए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टरों और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की तीखी नाराजगी के बाद सीएस ने एक आधिकारिक संदेश भेजकर स्पष्ट किया कि उनके पिछले संबोधन का गलत अर्थ निकाला गया है।
उन्होंने अपनी टीम के प्रति पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि वे सभी कलेक्टरों को भ्रष्ट नहीं मानते हैं और उनकी कार्यशैली का सम्मान करते हैं।
यह पूरा विवाद 21 जनवरी को आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की समीक्षा बैठक से शुरू हुआ था। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया था।
उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों से सीधे तौर पर कहा था कि मुख्यमंत्री ने यह फीडबैक दिया है कि कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करते हैं। इस बयान के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था और अधिकारियों ने इसे अपने सम्मान पर चोट माना था।
विवाद की पृष्ठभूमि और सीएस की चेतावनी
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान केवल भ्रष्टाचार पर ही बात नहीं की थी, बल्कि उन्होंने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी थी कि सरकार की नजर हर गतिविधि पर है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि कोई भी अधिकारी यह न समझे कि उनकी कार्यप्रणाली गुप्त है।

सीएस ने कहा था कि मुख्यालय स्तर पर यह सक्षम प्रणाली मौजूद है जो हर जिले में हो रहे कामकाज और वहां की शिकायतों की निगरानी कर रही है। इस सीधे हमले ने प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी पर कई सवाल खड़े कर दिए थे।
उसी समय अशोकनगर के तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह से जुड़ा एक कथित रिश्वत का मामला भी चर्चा में था। इस घटनाक्रम ने सीएस के बयान को और अधिक हवा दी, जिससे ऐसा संदेश गया कि सरकार पूरी प्रशासनिक व्यवस्था से नाराज है। इसके बाद भोपाल में पदस्थ कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्य सचिव के इस सामान्यीकरण (Generalization) पर अपनी सख्त आपत्ति दर्ज कराई थी।
मुख्य सचिव का स्पष्टीकरण और नया संदेश
प्रशासनिक अधिकारियों के बढ़ते दबाव और असंतोष को देखते हुए अनुराग जैन ने अब कलेक्टरों के आधिकारिक ग्रुप में एक संदेश साझा किया है। उन्होंने अपने इस संदेश में स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया है। उन्होंने टीम वर्क की भावना पर जोर देते हुए अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने का प्रयास किया है।
“प्रिय सहयोगियों, कल की बैठक के संबंध में यह धारणा बन गई है कि यह कहा गया था कि सभी कलेक्टर भ्रष्ट हैं। टीम के प्रमुख के रूप में मैं ऐसा दृष्टिकोण कैसे रख सकता हूं? मैंने आप में से कई लोगों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य को स्वयं देखा है और मैं अक्सर यह उल्लेख करता हूं कि टीम के प्रयासों के कारण ही मध्य प्रदेश अधिकांश योजनाओं में सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है।” — अनुराग जैन, मुख्य सचिव