गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम के गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की समृद्ध वस्त्र परंपरा और भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने न केवल मुख्यमंत्री की मौजूदगी की सराहना की, बल्कि धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्र पार्क के निर्माण की तेज गति के लिए मध्य प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ भी की।
गुरुवार को आयोजित इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश को वस्त्र उद्योग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की परिधान कला दुनिया के किसी भी फैशन केंद्र से कम नहीं है। उन्होंने देवी अहिल्या बाई होल्कर के समय से ही वस्त्र उद्योग को संगठित रूप देने की परंपरा का जिक्र किया।
एमपी की विरासत और भविष्य की राह
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वस्त्र उद्योग मध्य प्रदेश की विरासत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने बताया कि देवी अहिल्या ने माहेश्वरी सिल्क के माध्यम से न केवल इस विरासत को आगे बढ़ाया, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण और रोजगार का माध्यम भी बनाया। उन्होंने चंदेरी साड़ी और नर्मदापुरम के उच्च गुणवत्ता वाले मलबरी रेशम को प्रदेश की पहचान बताया।
“देवी अहिल्या ने माहेश्वरी सिल्क के जरिये न सिर्फ विरासत को आगे बढ़ाया बल्कि इससे महिलाओं को रोजगार देकर महिला सशक्तिकरण भी किया। अब प्रदेश सरकार इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर ले जायेगी।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
डॉ. यादव ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए केंद्र सरकार से अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने जुलाई 2026 में होने वाले अगले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन के लिए मध्य प्रदेश को पार्टनर राज्य बनाने की पेशकश भी की।
केंद्र ने की तेज रफ्तार की तारीफ
सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सीएम यादव के आने से सम्मेलन में चार चांद लग गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से धार में बन रहे पीएम मित्र पार्क के निर्माण कार्य में तेजी की सराहना की, जिस पर पूरे सदन ने तालियों से मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।
गिरिराज सिंह ने यह भी बताया कि उनका मंत्रालय मध्य प्रदेश में दो नए तरह के फाइबर पर काम करने की योजना बना रहा है। इनमें अलसी से बनने वाला लिनन फाइबर और मदार से बनने वाला मिल्क बिल्ट फाइबर शामिल है। उन्होंने सभी राज्यों से टेक्सटाइल का एक रोडमैप तैयार करने और टेक्निकल फाइबर को भी बराबर महत्व देने की अपील की।