मध्य प्रदेश के कॉलेज छात्रों के लिए बनेगी ‘हेल्थ प्रोफाइल’, उच्च शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों को दिए आभा आईडी बनाने के निर्देश

मध्य प्रदेश में अब कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य का भी पूरा लेखा-जोखा रखा जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की ‘हेल्थ प्रोफाइल’ तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल के तहत छात्रों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) खोले जाएंगे।

विभाग का उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

डिजिटल हेल्थ कार्ड से जुड़ेंगे छात्र

इस योजना के अंतर्गत हर छात्र की एक यूनिक हेल्थ आईडी (ABHA ID) जनरेट की जाएगी। यह आईडी उनके आधार कार्ड से लिंक होगी। इसमें छात्र की मेडिकल हिस्ट्री, पुरानी बीमारियों का ब्यौरा, लिए गए उपचार और दवाओं की जानकारी दर्ज होगी। इससे डॉक्टर किसी भी शहर में छात्र का पिछला रिकॉर्ड आसानी से देख सकेंगे।

प्राचार्यों को मिली जिम्मेदारी

उच्च शिक्षा विभाग ने इस काम को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए कॉलेज प्राचार्यों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। कॉलेजों में विशेष शिविर लगाकर या ऑनलाइन माध्यम से छात्रों की आभा आईडी बनवाई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भविष्य की सुरक्षा के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पहल

यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और केंद्र सरकार के डिजिटल हेल्थ मिशन के अनुरूप है। इससे पहले भी स्कूली छात्रों के स्वास्थ्य परीक्षण की योजनाएं चलाई गई थीं, लेकिन अब कॉलेज स्तर पर इसे व्यवस्थित रूप दिया जा रहा है। डिजिटल रिकॉर्ड होने से छात्रों को अपनी मेडिकल फाइलें भौतिक रूप से साथ रखने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवावस्था में स्वास्थ्य की निगरानी से भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल सकती है। कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक छात्रों का पंजीकरण सुनिश्चित करें।