मुख्य सचिव के ‘कलेक्टर और पैसे’ वाले कथित बयान पर जीतू पटवारी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, सीएम के इस्तीफे की मांग

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने यह पत्र मुख्य सचिव के उस कथित बयान के संदर्भ में लिखा है, जो हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान चर्चा में आया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस्तीफे की मांग की है।

जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा है कि राज्य के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कथित तौर पर कहा था कि ‘कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करते।’ पटवारी ने इसे राज्य के प्रशासनिक तंत्र में ‘संस्थागत भ्रष्टाचार’ का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया है। उनका कहना है कि अगर राज्य का सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ऐसा कह रहा है, तो यह दर्शाता है कि सरकारी कामकाज में लेन-देन एक सामान्य प्रक्रिया बन चुकी है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि यदि कलेक्टर स्तर पर पैसे लेकर काम हो रहा है, तो यह राशि केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं हो सकती। पटवारी ने आशंका जताई है कि भ्रष्टाचार का यह पैसा एक नेटवर्क के जरिए ऊपर तक पहुंच रहा है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की ‘नैतिक विफलता’ करार दिया है।

“आज मुख्य सचिव के कथित बयान से यह शंका और प्रबल होती है कि राज्य में भ्रष्टाचार, केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक संरचित चैनल के रूप में कार्यरत है।” — जीतू पटवारी

50% कमीशन और राजनीतिक हमला

जीतू पटवारी ने अपने पत्र में कांग्रेस द्वारा पहले लगाए गए ‘50% कमीशन’ के आरोपों का भी जिक्र किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि उन्होंने देश को ‘भ्रष्टाचार मुक्त शासन’ का भरोसा दिया था। पटवारी ने लिखा कि यदि मोहन यादव सरकार में ‘बिना पैसे काम नहीं होने’ की स्थिति बन रही है, तो यह पीएम मोदी के सिद्धांत ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पर सरकार का नियंत्रण खत्म हो चुका है और नौकरशाही बेलगाम हो गई है।

पटवारी ने रखीं पांच प्रमुख मांगें

पत्र के माध्यम से मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं:

1. वीडियो सार्वजनिक हो: मुख्य सचिव के कथित वक्तव्य की सत्यता जांचने के लिए संबंधित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की रिकॉर्डिंग या ट्रांसक्रिप्ट सार्वजनिक की जाए।

2. केंद्रीय एजेंसी से जांच: राज्य के सभी जिलों में प्रशासन स्तर पर भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी या समिति गठित हो।

3. जांच का दायरा बढ़े: जांच केवल कलेक्टरों तक सीमित न रहकर ठेकों, भुगतान, पोस्टिंग और योजनाओं के क्रियान्वयन तक विस्तारित की जाए।

4. दोषियों पर कार्रवाई: जांच में जिन अधिकारियों या राजनीतिक लोगों की भूमिका सामने आए, उनकी संपत्ति की जांच हो और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

5. सीएम का इस्तीफा: प्रशासनिक नियंत्रण खोने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल इस्तीफा लिया जाए।

अंत में पटवारी ने प्रधानमंत्री से अपेक्षा की है कि वे राजनीतिक संरक्षण से ऊपर उठकर इस मामले में त्वरित निर्णय लेंगे और मध्य प्रदेश की जनता को जवाबदेही का भरोसा दिलाएंगे।