इंदौर के भागीरथपुरा में हुई एक बालिका के साथ जघन्य घटना ने पूरे मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। इस मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्णय लिया है कि 13 फरवरी को इंदौर में एक विशाल ‘न्याय यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसमें पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
इस विरोध प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को इंदौर पहुंचने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि इस यात्रा का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और कानून व्यवस्था की स्थिति पर सरकार को घेरना है।
जीतू पटवारी ने संभाली कमान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। सूत्रों के अनुसार, पटवारी ने सभी जिला अध्यक्षों और विधायकों से संपर्क कर ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को इस यात्रा में शामिल होने के लिए कहा है। यह यात्रा केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि आगामी लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
सभी विधायकों को इंदौर बुलाने का फरमान
पार्टी हाईकमान के निर्देश पर मध्य प्रदेश के सभी कांग्रेस विधायकों को 13 फरवरी को इंदौर में उपस्थित रहने को कहा गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी इस न्याय यात्रा में विशेष रूप से शामिल होंगे। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रहा है और अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
क्या है भागीरथपुरा का मामला?
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कुछ समय पहले एक बालिका के साथ अमानवीय कृत्य की घटना सामने आई थी। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने जिस तत्परता से काम करना चाहिए था, वह नहीं किया। इसी असंतोष को लेकर अब कांग्रेस सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है।
यात्रा का रूट और तैयारी
यह न्याय यात्रा इंदौर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने यात्रा के रूट को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शहर में जगह-जगह होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भी भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस इंदौर जैसे भाजपा के गढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।
प्रशासन भी हुआ सतर्क
कांग्रेस की इस बड़ी घोषणा के बाद इंदौर जिला प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई है। 13 फरवरी को होने वाली इस यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा।