मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल मुआवजे की घोषणा की है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि मौसम की मार झेल रहे किसानों को जल्द ही मुआवजा राशि मिलेगी।
मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की पहचान का काम तेजी से चल रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर सर्वेक्षण कर रहे हैं।
मुआवजा वितरण की प्रक्रिया
सरकार ने फसल नुकसान के आकलन के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों की फसल क्षति का सर्वेक्षण कर रही हैं। मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
राजस्व मंत्री ने बताया कि मौसम विभाग के आंकड़ों के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार की जा रही है। जिन इलाकों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि या सूखे से फसल बर्बाद हुई है, वहां प्राथमिकता से काम हो रहा है।
किसानों को मिलेगी त्वरित सहायता
करण सिंह वर्मा ने आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को मुआवजे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने इस बार प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया है। पात्र किसानों की सूची जल्द अंतिम रूप ले लेगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। फसल मुआवजा योजना के तहत किसानों को उनकी वास्तविक क्षति के अनुसार राशि दी जाएगी।
राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पारदर्शी तरीके से काम करें। किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश में कृषि संकट की चुनौती
मध्य प्रदेश में इस साल मौसम की अनिश्चितता ने किसानों को काफी परेशान किया है। कई जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान हुआ था। गेहूं, चना और सरसों जैसी प्रमुख फसलें प्रभावित हुई हैं।
किसान संगठनों ने सरकार से त्वरित मुआवजे की मांग की थी। अब राजस्व मंत्री की घोषणा से किसानों में राहत की लहर है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उन्हें आर्थिक सहायता मिल जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फसल बीमा योजना के तहत भी किसानों को लाभ मिलेगा। जो किसान बीमा योजना से जुड़े हैं, उन्हें अलग से क्लेम राशि मिलेगी।