जबलपुर में किसानों के लिए खाद वितरण में डिजिटल सुविधा का नया प्रयोग सफल रहा है। ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों को निर्धारित समय पर खाद उपलब्ध कराई गई, जिससे वितरण केंद्रों पर भीड़ और लंबी कतारों की समस्या समाप्त हो गई।
अधिकारियों के अनुसार, यह पायलट प्रोजेक्ट जिले में सुचारू रूप से संचालित हुआ और किसानों ने इसे सुविधाजनक बताया।
पिछले वर्षों में खाद वितरण के दौरान केंद्रों पर लंबा इंतजार और अव्यवस्था की शिकायतें आती रही हैं। इस पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने डिजिटल समाधान अपनाने का निर्णय लिया।
जबलपुर में पायलट का परिणाम
ई-टोकन व्यवस्था के तहत किसानों को ऑनलाइन या निर्धारित केंद्र से टोकन प्राप्त कर तय समय पर खाद दी गई। इस प्रक्रिया में किसान का नाम, भूमि विवरण और आवश्यक मात्रा का डेटा पहले से दर्ज किया गया, जिससे वितरण पारदर्शी और तेज हुआ।
जनवरी से पूरे राज्य में विस्तार
कृषि विभाग ने बताया कि जनवरी 2024 से यह प्रणाली पूरे मध्यप्रदेश में लागू होगी। सभी जिला और विकासखंड केंद्रों को ई-टोकन सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा।
किसानों के लिए यह बदलाव समय और श्रम की बचत करेगा, साथ ही वितरण में अनियमितता कम होगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इस तकनीकी पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।