अब 75 तरह के दस्तावेजों की रजिस्ट्री होगी ऑनलाइन और सरल, सीएम प्रदेश को देंगे पहला साइबर रजिस्ट्री कार्यालय

मध्य प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी भोपाल में सोमवार 16 फरवरी को प्रदेश के पहले साइबर पंजीयन कार्यालय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इसका उद्घाटन करेंगे।

क्या है साइबर रजिस्ट्री ऑफिस?

साइबर रजिस्ट्री ऑफिस एक डिजिटल पंजीयन केंद्र है। यहां 75 विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री की जा सकेगी। इसका मकसद रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाना है। आम नागरिकों को अब दस्तावेज पंजीकरण के लिए लंबी कतारों और जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

कार्यक्रम में कौन-कौन रहेगा मौजूद?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्य सरकार ने इस पहल को प्रशासनिक सुधार का अहम हिस्सा बताया है। सरकार का दावा है कि यह कार्यालय रजिस्ट्री से जुड़ी पूरी प्रणाली में बदलाव लाएगा।

क्यों अहम है यह पहल?

अब तक दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए नागरिकों को पारंपरिक कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय और संसाधन दोनों की बर्बादी होती थी। साइबर रजिस्ट्री ऑफिस के आने से यह काम डिजिटल माध्यम से होगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम होंगी।

डिजिटल गवर्नेंस की ओर मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार लगातार प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है। साइबर पंजीयन कार्यालय इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की योजना है कि भविष्य में अन्य जिलों में भी ऐसे कार्यालय खोले जाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

75 प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री का दायरा काफी व्यापक है। इसमें संपत्ति से जुड़े कागजात से लेकर अन्य कानूनी दस्तावेजों का पंजीकरण शामिल होगा। एक ही छत के नीचे डिजिटल तरीके से यह सुविधा मिलने से नागरिकों को बड़ी सहूलियत होगी।

प्रदेश के पहले साइबर रजिस्ट्री ऑफिस के शुभारंभ को डिजिटल इंडिया मिशन के तहत एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इससे मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी और अन्य राज्यों के लिए भी यह एक मॉडल बनेगा।