मध्य प्रदेश में 2026 ‘कृषक वर्ष’ के रूप में मनेगा, सीएम मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मशताब्दी पर की घोषणा

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने ऐलान किया है कि राज्य में वर्ष 2026 को ‘कृषक वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। यह फैसला भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मशताब्दी के अवसर पर लिया गया है, जिसके कार्यक्रम 2025 से शुरू होंगे।

सीएम यादव ने कहा कि सरकार पूरी तरह से किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। ‘कृषक वर्ष’ के दौरान पूरे साल किसानों के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और 2026 में एक भव्य समापन समारोह होगा। यह आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने अपना जीवन समाज और किसानों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।

किसानों के सम्मान में ‘कृषक वर्ष’

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2025 में कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मशताब्दी मनाई जाएगी और इसी कड़ी में अगले वर्ष यानी 2026 को किसानों को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां हमेशा किसान-केंद्रित रही हैं और यह कदम किसानों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का एक तरीका है। इस पहल का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए नई योजनाएं बनाना भी है।

“हम प्रदेश में किसानों के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं। वर्ष 2025 में कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम होंगे और 2026 में कृषक वर्ष के रूप में एक बड़ा आयोजन किया जाएगा।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

किसान कल्याण योजनाओं पर जोर

सीएम मोहन यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की किसान कल्याण योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, जबकि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 4,000 रुपये दिए जाते हैं। इस प्रकार, प्रदेश के किसानों को कुल 10,000 रुपये की वार्षिक सहायता मिल रही है।

इस दौरान उन्होंने पूर्व की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि देना बंद कर दिया था। सीएम यादव ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही इस योजना को फिर से प्रभावी ढंग से लागू किया। उन्होंने हाल ही में एक कार्यक्रम का भी उल्लेख किया जिसमें किसानों के खातों में 100 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई थी, जो किसानों के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।