MP के 90 हजार कर्मचारियों को बड़ी राहत, प्रोबेशन में वेतन कटौती अवैध, 400 करोड़ एरियर लौटाने के आदेश

भोपाल: मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है। वित्त विभाग ने सातवें वेतनमान के एरियर की चौथी और अंतिम किस्त के भुगतान का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 35 हजार कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और सरकारी खजाने पर करीब 400 करोड़ रुपये का भार आएगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस कदम के जरिए कर्मचारियों और उनके परिवारों को साधना चाहती है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस बकाया राशि के भुगतान की मांग कर रहे थे, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

उपचुनाव से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक

प्रदेश में 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं और आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहती। कर्मचारियों की नाराजगी से बचने के लिए यह कदम एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी कर्मचारी एक बड़ा वोट बैंक हैं और उनकी मांगों को पूरा करके सरकार एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश कर रही है। यह भुगतान सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

क्या है एरियर का पूरा मामला?

मध्य प्रदेश में सातवां वेतनमान 1 जनवरी, 2016 से लागू किया गया था, लेकिन इसके वास्तविक भत्तों का लाभ कर्मचारियों को 1 जुलाई, 2017 से मिलना शुरू हुआ। इस बीच के 18 महीनों की बकाया राशि को एरियर के रूप में दिया जाना था।

पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इस 18 महीने की बकाया राशि को चार किस्तों में देने का फैसला किया था। इसके तहत तीन किस्तें पहले ही कर्मचारियों को दी जा चुकी थीं। 25 प्रतिशत राशि की यह चौथी और अंतिम किस्त काफी समय से लंबित थी। अब सरकार ने इस अंतिम किस्त को भी जारी करने का आदेश दे दिया है, जिससे कर्मचारियों का पूरा बकाया चुकता हो जाएगा।

कर्मचारी संगठनों ने जताया आभार

सरकार के इस फैसले का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। विभिन्न कर्मचारी संघ लगातार इस मांग को उठा रहे थे और उन्होंने इसे लेकर कई बार ज्ञापन भी सौंपे थे। उनका कहना था कि यह उनका हक है, जो काफी समय से अटका हुआ था। अब भुगतान का आदेश जारी होने के बाद संगठनों ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। यह फैसला हजारों परिवारों के लिए त्योहारी सीजन से पहले एक बड़ी राहत लेकर आया है।