एमपी High Court ने लगाया राज्य सूचना आयुक्त पर 40 हजार रुपए का जुर्माना

स्वतंत्र समय, जबलपुर

मप्र हाईकोर्ट ( High Court ) ने राज्य सूचना आयुक्त पर 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि वह सरकार के एजेंट के रूप में काम न करें। साथ ही आवेदक को 2 लाख रुपए से ज्यादा की मांगी गई जानकारी मुफ्त देने के आदेश दिए हैं।

फिल्ममेकर ने दी थी High Court में चुनौती

गौरतलब है कि भोपाल के फिल्ममेकर नीरज निगम ने 2019 में सूचना के अधिकार के तहत पशुपालन विभाग में पदस्थ अधिकारी आरके रोकड़े के बारे में जानकारी मांगी थी। संबंधित सूचना अधिकारी ने 30 दिन के अंदर चाही गई जानकारी नहीं दी। इसके बाद फिल्ममेकर ने सूचना आयुक्त के समक्ष अपील दायर की थी। यहां से बिना जांच के ही अपील खारिज कर दी गई। फैसले को अगस्त 2023 में हाईकोर्ट ( High Court ) में चुनौती दी थी। गुरुवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई।

30 दिन में जानकारी देने का नियम

नियम कहता है कि तीस दिन के अंदर आवेदक को जानकारी दे दी जाए, लेकिन 31 वें दिन विभाग के तरफ से नीरज निगम को पत्र लिखकर बताया गया कि आपके द्वारा चाही गई जानकारी व्यापक है। इसके लिए 2 लाख 12 हजार पन्नों में यह जानकारी मिलेगी। इसलिए 2 लाख 12 हजार रुपए जमा करने होंगे। अपीलकर्ता ने अपीलीय अधिकारी के समक्ष चुनौती देते हुए बताया गया कि चूंकि सूचना 30 दिन के अंदर नहीं दी गई है, इसलिए जानकारी फ्री ऑफ कास्ट उपलब्ध करवाई जाए।