मध्य प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में इन दिनों IAS अवि प्रसाद की तीसरी शादी की चर्चा गर्म है। 11 फरवरी को उन्होंने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में 2017 बैच की IAS अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया। अंकिता फिलहाल राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं।
खास बात यह है कि अवि प्रसाद की दोनों पूर्व पत्नियां भी IAS अधिकारी हैं। दोनों से तलाक हो चुका है और दोनों वर्तमान में मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
पहली पत्नी रिजु बाफना — शाजापुर की कलेक्टर
अवि प्रसाद की पहली शादी रिजु बाफना से हुई थी। दोनों की मुलाकात दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान हुई थी। नजदीकियां बढ़ीं और विवाह हो गया। रिजु बाफना इस समय मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं। उन्हें सक्षम और सख्त प्रशासक माना जाता है। हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला। कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया।
दूसरी पत्नी मिशा सिंह — रतलाम की कलेक्टर
पहले रिश्ते के टूटने के बाद अवि प्रसाद ने आंध्र प्रदेश कैडर की 2016 बैच की IAS अधिकारी मिशा सिंह से दूसरा विवाह किया। शादी के बाद मिशा ने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया। वे वर्तमान में रतलाम की कलेक्टर हैं और 2025 में उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला।
विकास कार्यों के औचक निरीक्षण और योजनाओं की सक्रिय समीक्षा के लिए वे जानी जाती हैं। लेकिन करीब चार साल बाद यह रिश्ता भी टूट गया और दोनों ने अलग होने का फैसला किया।
तीसरी शादी कूनो नेशनल पार्क में हुई
अब अवि प्रसाद ने अंकिता धाकरे के साथ नया अध्याय शुरू किया है। 11 फरवरी को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादे समारोह में दोनों ने फेरे लिए। कूनो हाल के वर्षों में चीता पुनर्वास परियोजना के चलते राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है। शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर चला। कुछ लोगों ने इसे निजी फैसला बताकर सम्मान दिया, तो कुछ ने सवाल भी उठाए।
कौन हैं अवि प्रसाद — करियर और पारिवारिक पृष्ठभूमि
अवि प्रसाद मूलतः उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से हैं। उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे थे। राजनीतिक माहौल उन्हें बचपन से मिला। करीबी बताते हैं कि शासन-प्रशासन की समझ उन्हें विरासत में मिली।
2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ था। लेकिन उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और UPSC 2014 में 13वीं रैंक हासिल कर IAS बने। यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के सबसे प्रतिभाशाली अधिकारियों में शामिल करती है।
प्रशासनिक कार्यशैली और उपलब्धियां
अवि प्रसाद फिलहाल मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के सीईओ हैं। इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं। कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था।
आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग से समन्वय और जमीनी निगरानी मजबूत करने जैसे कदम उठाए। इस अभियान की राज्य स्तर पर सराहना हुई।
प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। उनके समर्थकों के मुताबिक वे निर्णय लेने में देरी नहीं करते और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देते हैं। तेजतर्रार और भरोसेमंद अधिकारी के रूप में उनकी पहचान है।
तीसरी शादी पर अवि प्रसाद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।