स्वतंत्र समय, भोपाल
प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi ) ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है, जब पूरी दुनिया भारत के लिए आशान्वित है। मध्यप्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से देश का पांचवां बड़ा राज्य है, कृषि और खनन में अग्रणी है, इसके साथ ही राज्य को मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। देश में हो रहे अधोसंरचना विकास का लाभ मप्र को मिला है, दिल्ली, मुम्बई नेशनल हाईवे का बड़ा भाग एमपी से निकलता है, प्रदेश में पांच लाख किमी का रोड नेटवर्क है और लॉजिस्टिक्स की यहां अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश में हर वो क्षमता है, जो इसे देश के शीर्ष पांच राज्यों में ला सकता है।
PM Modi ने उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया
मोदी ( PM Modi ) ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने के लिए बधाई दी। मोदी ने समिट में आए उद्योगपतियों को मप्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यहां 300 से अधिक इंडस्ट्री जोन हैं और निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में 31 हजार मेगावॉट सरपल्स एनर्जी है, जिसमें 30 फीसदी रिन्यूएबल एनर्जी है। कुछ दिन पहले ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना का शुभारंभ हुआ है। एनर्जी सेक्टर में आए बूम का मध्यप्रदेश को लाभ मिला है। हाल ही में 45 हजार करोड़ रूपए लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना की आधारशिला रखी गई, जिससे 10 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, परिणामस्वरूप प्रदेश में कपड़ा उद्योग और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर बढ़ेगा। उन्होंने मप्र को देश का कॉटन कैपिटल बताते हुए कहा कि कपड़ा उद्योग और कॉटन सप्लाय में मध्यप्रदेश, देश का सबसे बड़ा उत्पादक है। यहां का मलबरी सिल्क और चंदेरी साडिय़ां भी बहुत पसंद की जाती हैं।
ईवी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है मप्र
प्रधामनंत्री ने कहा कि दो दशक पहले लोग मप्र में निवेश करने से डरते थे। जिस प्रदेश में बसें ठीक से नहीं चल पाती थीं, वह राज्य अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के मामले में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। जनवरी 2025 तक प्रदेश में दो लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हुए हैं, जो दर्शाता है कि नए क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश निवेश आकर्षित कर रहा है। लीथियम बैटरी और न्यूक्लीयर एनर्जी में भी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मप्र में शत-प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है। रानी कमलापति स्टेशन के चित्र सभी का मन मोह रहे हैं। इसी तर्ज पर प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है। विमानन सेवा के लिए ग्वालियर और जबलपुर के एयरपोर्ट को विस्तार दिया गया है।
भारत जो कहता है, वह करके दिखाता है
मोदी ने कहा कि विश्व के सामान्यजन, विशेषज्ञ और संस्थाएं भारत की ओर आशा से देख रही हैं। विश्व बैंक ने कहा है कि भारत आने वाले वर्षों में ऐसे ही गतिशील अर्थव्यवस्था बना रहेगा। इसी प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ की एक संस्था ने भारत को सौर ऊर्जा का श्रेष्ठ केन्द्र कहा है। एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक सप्लाय चैन के रूप में उभर रहा है। विश्व में यह मान्यता है कि भारत जो कहता है-वह करके दिखाता है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी आगामी वर्षों में देश के विकास को गति देंगे। मध्यप्रदेश सहित देश में मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाए हैं। हेल्थ एंड वेलनेस क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार एमएसएमई सेक्टर को गति देने के लिए एमएसएमई केन्द्रित सप्लाई चैन को विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है और इस सेक्टर में कार्यरत उद्यमियों को प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्रीय बजट में टैक्स स्लैब को रिस्ट्रक्चर किया गया है, रिजर्व बैंक ने भी ब्याज दरें घटाई हैं।
मिडिल क्लास को सशक्त करने के कदम उठाए
पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के समय मैंने कहा था कि अपने तीसरे टर्म में हम तीन गुना तेजी से काम करेंगे। ये आप साल 2025 के पहले 50 दिनों में देख रहे हैं। इसी महीने हमारा बजट आया है। इसमें मिडिल क्लास को एमपॉवर करने के कदम उठाए हैं। 12 लाख तक इनकम टैक्स फ्री की है। मोदी ने जीआईएस के शुभारंभ कार्यक्रम में 15-20 मिनिट विलंब पहुंचने का कारण बताते हुए कहा कि उन्हें ज्ञात हुआ है कि आज 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा है। वीआईपी मूवमेंट होने से विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो, इस उद्देश्य से उन्होंने अपना शेड्यूल 15 मिन्ट विलंबित किया। इसलिए लेट आने की वजह से मैं सभी से क्षमा मांगता हूं। इस मौके पर मोदी ने मप्र सरकार द्वारा लागू की गई 18 नई औद्योगिक नीतियों का रिमोर्ट की बटन दबाकर शुभारंभ किया। बाधारहित व्यवसाय राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वर्ष पहले निवेश तथा औद्योगिक विकास की यात्रा मार्च 2024 में बाबा महाकाल के आशीर्वाद के साथ उज्जैन से शुरू हुई। इस यात्रा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ ही देश के प्रमुख शहरों में इंटरैक्टिव सेशंस आयोजित किए गए। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूके, जर्मनी एवं जापान में मध्यप्रदेश की विकास गाथा को प्रस्तुत किया गया और उद्योगपतियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं संभावित चुनौतियों को समझा तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। सरल, निवेश अनुकूल एवं प्रासंगिक नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन, सरलीकृत व्यापार एवं बाधारहित व्यवसाय, सिंगल विंडो सिस्टम को बेहतर बनाना और शासन में पारदर्शिता लाना हमारी उच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में निवेश के प्रयासों के लिए लगातार कार्य करने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
अडाणी समूह एक लाख 10 हजार करोड़ का निवेश करेगा
अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी, उनके भतीजे व अडाणी इंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अडाणी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल हुए हैं। गौतम अडाणी ने अपने वीडियो संदेश में कहा- हम मध्यप्रदेश में पंप स्टोरेज, सीमेंट, माइनिंग, स्मार्ट मीटर, थर्मल एनर्जी में एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट करेंगे। उन्होंने कहा-गु्रप पहले भी एमपी में 50 हजार करोड़ रूपए का निवेश कर चुका है। भविष्य में उनके समूह की एक लाख 10 हजार करोड़ रूपए की योजना है। यह निवेश सीमेंट, खनन और ऊर्जा क्षेत्र में होगा।
विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने प्रदेशवासी प्रतिबद्ध : मोहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सतत विकास और औद्योगिक निवेश की दिशा में नए कदम बढ़ाऐ जा रहे है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की थीम अनंत संभावनाएं है, जो प्रदेश में उद्योग और निवेश की असीमित संभावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा-पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प समस्त भारतवासियों ने लिया है, हमारा लक्ष्य देश को 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। विकसित भारत के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विकसित मप्र समस्त प्रदेशवासियों के साथ महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अगले 5 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
पहले दिन ही 6 लाख करोड़ का निवेश आया…
निवेशक कंपनी | निवेश (करोड़ में) |
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🔵 एनटीपीसी एनजीईएल | 💰 1,20,000 |
🔴 अडाणी ग्रुप | 💰 1,10,000 |
🟢 एनपीटीसी न्यूक्लियर | 💰 80,000 |
🟠 रिलायंस इंडस्ट्रीज | 💰 60,000 |
🟣 अवाडा ग्रुप | 💰 50,000 |
🟡 पॉवर फाइनेंस कार्पोरेशन | 💰 26,800 |
🔵 टोरेंटो पॉवर कंपनी | 💰 26,500 |
🔴 ग्रामीण विद्युतीकरण कार्पो. | 💰 21,000 |
🟢 ओपीजी पॉवर प्रायवेट | 💰 13,400 |
🟠 हिंडाल्को इंडस्ट्रीज | 💰 15,000 |
🟣 एनएचएआई अथॉर्टी | 💰 1,00,000 |
✅ कुल निवेश | 💰 6,22,700 |
पीएम मोदी के कार्यक्रम की झलकियां…
- सुबह 8 बजे से लेकर 9:20 बजे तक डिपो चौराहा पर भारी जाम लगा रहा। इस जाम में करीब सवा घंटे तक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे मेहमानों के वाहन फंसे रहे।
- बड़ी संख्या में मेहमानों ने स्मार्ट सिटी रोड से आना शुरू कर दिया, जबकि इस रोड को समिट में जाने वाले गेस्ट को इस्तेमाल की इजाजत नहीं थी।
- जाम के दौरान एक छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। छात्रा बाइक पर सवार है। लगातार मोबाइल देख रही है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह एग्जाम देने के लिए घर से निकली थी।
- कार्यक्रम स्थल पर बिना पास के निजी वाहन भी धड़ल्ले आ जा रहे थे, इन्हें रोकने का काम सुरक्षाकर्मियों ने नहीं किया, जबकि मोदी की सुरक्षा में 5 हजार से ज्यादा जवान और आईपीएस लगे थे।
- निवेशकों को सही गाइडलाइन नहीं मिलने की वजह से उन्हें इधर-उधर भटकते हुए देखा गया। रायसेन से आय निवेशक नरेंद्र पटेल समिट हॉल और कंवेन्शन सेंटर ढूंढने के लिए काफी परेशान हुए।
- मंत्री अपने-अपने विभागों से संबंधित निवेशकों के साथ चर्चा करते नजर आए। कई मंत्रियों ने निवेशकों के साथ एमओयू भी किए।
- मोदी के भाषण स्थल के हॉल एक, दो और तीन में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय सहित विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों को वालेंटियर बनाया गया था, लेकिन ये छात्र कुर्सियों पर पहले से ही कब्जा जमाए बैठे थे, जिसके कारण कई मीडियाकर्मियों को बैठने की लिए कुर्सी पसीब नहीं हुई।
- पीएम मोदी को सुनने के लिए वोरा समाज के लोग बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पहुंचे, वहीं भाजपा के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। जिसके कारण भी निवेशकों को दिक्कतें उठानी पड़ी।