कूनो नेशनल पार्क में फिर गूंजी किलकारी, नामीबियाई चीता ‘आशा’ ने 5 शावकों को दिया जन्म

श्योपुर: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में ‘प्रोजेक्ट चीता’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। नामीबिया से लाई गई मादा चीता ‘आशा’ ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर यह खुशखबरी दी।

इस नए जन्म के साथ ही कूनो में चीतों का कुनबा बढ़कर 26 हो गया है, जिसमें 13 वयस्क और 13 शावक शामिल हैं। यह भारत में चीतों के संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कूनो में चीतों का बढ़ता परिवार

यह चौथा मौका है जब कूनो नेशनल पार्क में किसी चीते ने शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले नामीबिया से ही लाई गई मादा चीता ‘ज्वाला’ (सियाया) ने चार शावकों को जन्म दिया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने भी पांच शावकों को जन्म देकर पार्क प्रबंधन को खुशखबरी दी थी। अब ‘आशा’ के पांच शावकों के जन्म से यह सफलता की कहानी और आगे बढ़ी है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, “जंगल में फिर खुशी की लहर! मादा चीता आशा ने 5 शावकों को जन्म दिया है। यह प्रोजेक्ट चीता के लिए एक बड़ी सफलता है। मैं पूरी टीम को उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई देता हूं।”

आशा ने दूसरी बार दिया शावकों को जन्म

यह दूसरा मौका है जब ‘आशा’ ने शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले मार्च 2023 में भी उसने तीन शावकों को जन्म दिया था, लेकिन दुर्भाग्यवश अत्यधिक गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण उन तीनों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद पार्क प्रबंधन और निगरानी टीम अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।

वन विभाग की टीम ‘आशा’ और उसके पांचों नवजात शावकों की सेहत पर 24 घंटे नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि मां और सभी शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस खबर के बाद वन्यजीव प्रेमियों में खुशी का माहौल है और सभी शावकों के स्वस्थ रहने की कामना कर रहे हैं।