मध्य प्रदेश सरकार ने रबी सीजन 2025-26 के लिए गेहूं की MSP खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 7 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
इस बार सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कड़ाई बरतने का फैसला किया है। आधार कार्ड में दर्ज नाम और भूमि रिकॉर्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग पूरी तरह मेल खानी चाहिए।
रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
किसानों को पंजीकरण के समय कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। आधार कार्ड सबसे प्रमुख दस्तावेज है। इसके अलावा भूमि से संबंधित रिकॉर्ड भी अनिवार्य है।
खसरा और B1 की प्रति जमा करनी होगी। बैंक पासबुक की कॉपी भी आवश्यक है। मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।
नाम मिलान पर विशेष ध्यान
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड और भूमि रिकॉर्ड में नाम की वर्तनी समान होनी चाहिए। यदि किसी भी दस्तावेज में नाम अलग है तो पहले उसे सुधारना होगा।
कई बार आधार में अंग्रेजी स्पेलिंग और भूमि रिकॉर्ड में हिंदी नाम में अंतर होता है। ऐसे मामलों में किसानों को पहले संशोधन कराना होगा।
पंजीकरण कहां और कैसे करें
किसान ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी सहकारी समिति में भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
ग्राम पंचायत स्तर पर भी सहायता केंद्र बनाए गए हैं। किसान सेवा केंद्रों पर भी यह सुविधा मिलेगी।
समय पर पंजीकरण क्यों जरूरी
7 फरवरी 2026 की अंतिम तिथि के बाद रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। बिना पंजीकरण के किसान MSP पर गेहूं नहीं बेच पाएंगे।
सरकारी खरीद केंद्रों पर केवल पंजीकृत किसानों की फसल खरीदी जाएगी। इसलिए समय रहते पंजीकरण कराना आवश्यक है।
MSP का लाभ कैसे मिलेगा
पंजीकरण के बाद किसानों को SMS के जरिए खरीद केंद्र और तारीख की जानकारी मिलेगी। निर्धारित तिथि पर किसान अपनी फसल लेकर केंद्र पर पहुंचेंगे।
गेहूं की गुणवत्ता जांच के बाद तौल होगी। भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाएगा।
किसानों के लिए सुझाव
किसान अभी से अपने दस्तावेजों की जांच कर लें। आधार और भूमि रिकॉर्ड में नाम मिलान सुनिश्चित करें।
यदि कोई त्रुटि है तो तुरंत संशोधन कराएं। अंतिम तारीख का इंतजार न करें। जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं।
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी समस्या के लिए संपर्क कर सकते हैं।