मध्य प्रदेश में छोटे कारोबारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए चलाई जा रही पीएम स्वनिधि योजना के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत दी जाने वाली अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी को बंद करने का फैसला लिया है। अब तक राज्य सरकार हितग्राहियों को ब्याज पर 2 प्रतिशत की छूट देती थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले का सीधा असर उन हजारों स्ट्रीट वेंडर्स पर पड़ेगा जो इस योजना के तहत लोन लेकर अपना छोटा-मोटा कारोबार चला रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली राहत अभी भी जारी रहेगी।
केंद्र की सब्सिडी जारी रहेगी
भले ही राज्य सरकार ने अपनी सब्सिडी वापस ले ली हो, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाली मदद बरकरार है। योजना के नियमों के मुताबिक, अगर कोई हितग्राही समय पर लोन की किस्तें चुकाता है, तो उसे केंद्र सरकार की ओर से 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलती रहेगी। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर मिलने वाले कैशबैक की सुविधा भी पहले की तरह ही लागू रहेगी।
क्या है पीएम स्वनिधि योजना?
पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे कोरोना काल में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को आर्थिक मदद पहुंचाना है। इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के लोन उपलब्ध कराया जाता है।
योजना तीन चरणों में लोन प्रदान करती है:
- पहला चरण: 10,000 रुपये का लोन (एक साल के लिए)।
- दूसरा चरण: अगर पहला लोन समय पर चुकाया, तो 20,000 रुपये का लोन।
- तीसरा चरण: दूसरा लोन सही समय पर भरने पर 50,000 रुपये तक का लोन।
अब कितना ब्याज देना होगा?
इस बदलाव के बाद अब स्ट्रीट वेंडर्स को लोन पर थोड़ा अधिक ब्याज चुकाना होगा। पहले केंद्र की 7% और राज्य की 2% सब्सिडी मिलकर कुल 9% की राहत मिल जाती थी। अब राज्य का हिस्सा हट जाने से केवल 7% की ही छूट मिलेगी। शेष ब्याज का भुगतान हितग्राही को स्वयं करना होगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। जो हितग्राही पहले से इस योजना का लाभ ले रहे हैं, उनके लिए भी नए नियम प्रभावी होंगे। सरकार का मानना है कि योजना अब स्थिर हो चुकी है और वेंडर्स आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।