Republic Day 2026: उज्जैन में सीएम मोहन यादव करेंगे ध्वजारोहण, राज्यपाल और मंत्रियों के झंडा वंदन जिलों की पूरी सूची जारी

मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day) की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 26 जनवरी को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर और धार्मिक नगरी उज्जैन में तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं, राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का नेतृत्व राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे।

मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के सभी 55 जिलों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सरकार ने वरिष्ठता और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभार सौंपा है। यह निर्णय प्रशासनिक कसावट और ‘लोकतंत्र के उत्सव’ को हर जिले में प्रभावी ढंग से मनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

उप-मुख्यमंत्रियों को मिली यह जिम्मेदारी

प्रदेश के दोनों उप-मुख्यमंत्रियों को भी महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा मंदसौर में ध्वजारोहण करेंगे, जबकि दूसरे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल रीवा में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यह व्यवस्था सरकार द्वारा विकेंद्रीकृत प्रशासन के संदेश को मजबूत करने का प्रयास मानी जा रही है।

किसे कहां मिली जिम्मेदारी?

वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, प्रहलाद पटेल नरसिंहपुर में, राकेश सिंह जबलपुर में और राव उदय प्रताप सिंह होशंगाबाद (नर्मदापुरम) में तिरंगा फहराएंगे। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि मंत्री अपने गृह क्षेत्रों या प्रभार वाले जिलों में उपस्थित रहें ताकि स्थानीय जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित हो सके।

कलेक्टरों की भूमिका

सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन जिलों में कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं होंगे, वहां संबंधित जिले के कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे। यह परंपरा प्रशासनिक प्रोटोकॉल का हिस्सा है। कलेक्टर ही उन जिलों में मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। सभी जिला मुख्यालयों पर पुलिस परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

पुरानी परंपरा और प्रोटोकॉल

गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के प्रोटोकॉल में अंतर होता है। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री राजधानी भोपाल में ध्वजारोहण करते हैं, जबकि गणतंत्र दिवस पर संवैधानिक प्रमुख होने के नाते राज्यपाल राजधानी में झंडा फहराते हैं। पिछले वर्षों में भी इसी परंपरा का निर्वहन किया गया था। इस बार सीएम का उज्जैन दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि उज्जैन उनका राजनीतिक कर्मक्षेत्र भी है।

प्रशासन ने सभी जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से भोपाल के लाल परेड ग्राउंड और उज्जैन के कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।