MP Weather: सितंबर की शुरुआत से पहले एमपी में मूसलधार बरसात, नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा सहित 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

इस बार मानसून ने पूरे देश में भारी तबाही मचाई है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूर्व से लेकर पश्चिम तक कई राज्यों में बाढ़ की भयावह तस्वीरें सामने आईं। लगातार बारिश के चलते गांव-शहर जलमग्न हो गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। मध्यप्रदेश भी इस आपदा से अछूता नहीं रह पाया। यहां भी बारिश ने जबरदस्त कहर बरपाया है। कई जिलों में बारिश का दौर इतना तेज रहा कि बाढ़ जैसे हालात बन गए और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई स्थानों पर हालात फिलहाल भी नियंत्रण में नहीं आए हैं और राहत मिलने की उम्मीद कम ही दिख रही है।

30 अगस्त को कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम

मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के ऊपर दो सक्रिय मौसम प्रणाली (स्ट्रॉन्ग सिस्टम) काम कर रही हैं। इनकी वजह से अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग ने शनिवार 30 अगस्त और उसके अगले दिन यानी 31 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर 12 जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है, जहां तेज बारिश के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) का भी खतरा बना रहेगा।

किस-किस जिले में भारी बारिश का अलर्ट

विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में साफ कहा गया है कि नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा सहित 12 जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। इन जिलों में पहले से ही नदियां और नाले उफान पर हैं, ऐसे में थोड़ी सी भी तेज बारिश स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है। वज्रपात की आशंका के कारण लोगों को खुले स्थानों में खड़े न होने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

अब तक का बारिश का आंकड़ा

प्रदेश में इस साल मानसून के दौरान औसतन 36.5 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर 37 इंच पानी को सीजन का पूरा कोटा माना जाता है। इसका मतलब यह है कि अभी केवल आधा इंच और बरसात होने पर राज्य का वर्षा कोटा पूरा हो जाएगा। पिछले साल मानसून सीजन में 44 इंच से अधिक पानी गिरा था। इस बार भी बारिश की गति को देखते हुए उम्मीद है कि औसत से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है।

बारिश के पीछे सक्रिय सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय मध्यप्रदेश के ऊपर से एक मानसून ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा एक और ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन प्रणालियों के प्रभाव से लगातार बादल छाए हुए हैं और कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी इसका असर साफ दिखा जब सिवनी और इंदौर में आधा इंच वर्षा दर्ज की गई। नर्मदापुरम, पचमढ़ी, इटारसी-पिपरिया, धार का पीथमपुर, बैतूल और टीकमगढ़ में भी जोरदार बारिश हुई।

डैम से छोड़ा गया पानी, बाढ़ जैसे हालात

लगातार बारिश से नदियां और बांध उफान पर आ गए हैं। शुक्रवार को नर्मदापुरम, पिपरिया, इटारसी और पीथमपुर इलाके में भारी वर्षा हुई, जिससे आसपास के इलाकों में पानी भर गया। स्थिति को देखते हुए नर्मदापुरम के तवा डैम के तीन गेट खोलने पड़े। इससे नीचे के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए और प्रशासन को अलर्ट पर रहना पड़ा। कई गांवों में पानी घुस गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।