मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है और पूरा प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालात यह हैं कि भोपाल में ठंड ने पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश के कई जिलों में रात का तापमान लुढ़क कर काफी नीचे आ गया है। इस हाड़ कंपाने वाली ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ जगहों पर प्राथमिक कक्षाओं के लिए अवकाश भी घोषित कर दिया गया है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पूरी तरह ढककर ही बाहर भेजें।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मध्य प्रदेश के तापमान में यह गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तापमान में और गिरावट हो सकती है। ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड अंचल में कोहरे का घना साया रहने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी पर भी असर पड़ेगा। वाहन चालकों को सुबह के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भोपाल में टूटा दशक का रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में बीती रात सर्दी का सितम अपने चरम पर रहा। आंकड़ों के मुताबिक, यहां का न्यूनतम तापमान पिछले एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। सुबह के समय शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया और लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। दिन के समय भी धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।
इन जिलों में स्कूलों पर असर
प्रशासन ने ठंड के प्रकोप को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित अन्य प्रभावित जिलों में स्कूलों के खुलने का समय बदल दिया गया है। अब स्कूल सुबह की जगह थोड़ी देरी से खुलेंगे। इसके अलावा, जिन जिलों में शीतलहर का प्रभाव अधिक है, वहां कलेक्टर ने छोटे बच्चों (नर्सरी से 5वीं तक) के लिए कुछ दिनों की छुट्टी घोषित कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
ठंड के इस प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह और शाम के समय जब तापमान सबसे कम होता है, तब घर से बाहर निकलने से बचें। गर्म कपड़े पहनें और खानपान में गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करें। सर्दी-जुकाम या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।