MP Weather: भोपाल समेत कई जिलों में घना कोहरा, शीतलहर के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है और पूरा प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप बढ़ने की चेतावनी जारी की है।

ठंड के इस प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के स्कूलों के समय में बदलाव या पूर्ण अवकाश की घोषणा की है। यह निर्णय लगातार गिरते तापमान और ठंडी हवाओं के चलते लिया गया है।

कोहरे के कारण यातायात प्रभावित

घने कोहरे का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। इसके कारण कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं और सड़क यातायात भी धीमा पड़ गया है। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ रही है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। विभाग ने ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभागों में ‘कोल्ड डे’ और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। पचमढ़ी और उमरिया जैसे स्थानों पर तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद कम है।

इन जिलों में स्कूलों पर असर

प्रशासनिक आदेशों के तहत भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी अवकाश या समय परिवर्तन लागू किया गया है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का विशेष ध्यान रखें।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भी जनवरी माह में इसी तरह की कड़ाके की ठंड देखने को मिली थी। उस समय भी प्रशासन ने लंबी अवधि के लिए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि यदि तापमान में गिरावट जारी रही, तो छुट्टियों को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।