MP Weather : ग्वालियर-दतिया में मावठ की बारिश, खजुराहो में लुढ़का पारा, जानें आईएमडी का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। विशेष रूप से ग्वालियर और दतिया जिलों में मावठ की बारिश ने सर्दी का अहसास करा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

ग्वालियर और दतिया में बारिश का दौर

ग्वालियर-चंबल अंचल में मौसम ने करवट ली है। दतिया और ग्वालियर के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है। इस बारिश को स्थानीय भाषा में ‘मावठ’ कहा जाता है। बारिश के बाद चली सर्द हवाओं ने दिन के तापमान को नीचे गिरा दिया है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में ठंड का असर तेज हो गया है।

खजुराहो में सर्दी का सितम

पर्यटन नगरी खजुराहो में भी सर्दी का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहाँ रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बादलों की आवाजाही के बीच खजुराहो और नौगांव जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। बुंदेलखंड के अन्य जिलों में भी सुबह और शाम के समय हल्का कोहरा देखा जा रहा है, जिससे दृश्यता (Visibility) प्रभावित हुई है।

किसानों के लिए फायदेमंद है मावठ

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय होने वाली बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत समान मानी जाती है। गेहूं और चने की फसल को इस प्राकृतिक सिंचाई से काफी फायदा होगा। मावठ से मिट्टी में नमी बनी रहती है, जो पैदावार बढ़ाने में सहायक होती है। हालांकि, मौसम विभाग ने किसानों को ओलावृष्टि की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह भी दी है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम केंद्र भोपाल ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है। विभाग ने लोगों को वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।