भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे प्रदेशवासियों को ठंड के ‘डबल अटैक’ का सामना करना पड़ रहा है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
मंगलवार सुबह से ही ठंडी हवाओं ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। कई इलाकों में घना कोहरा भी देखा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और यातायात पर इसका असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से होकर गुजर रहा है, जिसका सीधा असर मध्य भारत के मौसम पर पड़ रहा है।
कई जिलों में तापमान लुढ़का
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। ग्वालियर-चंबल संभाग ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। भोपाल में भी न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन के सबसे ठंडे दिनों में से एक है। इंदौर और जबलपुर में भी ठंड का असर साफ दिख रहा है।
आगामी 48 घंटे महत्वपूर्ण
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटे ठंड के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस दौरान शीतलहर का प्रकोप अपने चरम पर हो सकता है। विभाग ने लोगों को, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को भी पाला पड़ने की आशंका के चलते सतर्क रहने को कहा गया है।
इस पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले दो से तीन दिनों तक बने रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन ठंड से पूरी तरह राहत मिलने में अभी समय लगेगा। प्रशासन ने ठंड को देखते हुए रैन बसेरों में व्यवस्था करने और अलाव जलाने के निर्देश जारी किए हैं।