MP में गेहूं की MSP पर खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, कांग्रेस ने ₹500 बोनस की मांग कर सरकार को घेरा

भोपाल: मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद के लिए पंजीयन प्रक्रिया सोमवार, 5 फरवरी से शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 1 मार्च तक चलेगी। किसान विभिन्न सरकारी केंद्रों और ऑनलाइन माध्यमों से अपनी फसल बेचने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। हालांकि, प्रक्रिया शुरू होते ही इस पर सियासत भी गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर किसानों से वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ₹500 प्रति क्विंटल बोनस की मांग उठाई है।

कैसे और कहां कराएं पंजीयन?

राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, किसान अपनी उपज बेचने के लिए कई तरीकों से पंजीयन करा सकते हैं। किसान सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित खरीद केंद्रों पर जाकर मुफ्त में पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा, वे अपने मोबाइल पर ‘एमपी किसान ऐप’ के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

अन्य विकल्पों में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में बने सुविधा केंद्र शामिल हैं। साथ ही, किसी भी साइबर कैफे या कियोस्क से ₹50 का शुल्क देकर भी पंजीयन कराया जा सकता है।

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज

किसानों को पंजीयन के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज अपने पास रखने होंगे। इनमें समग्र आईडी, आधार कार्ड से लिंक बैंक खाता, और जमीन से जुड़ी जानकारी (ऋण पुस्तिका) शामिल है। सिकमी या बटाईदार किसानों को पंजीकरण के लिए जमीन मालिक के साथ हुए अनुबंध की एक प्रति जमा करनी होगी। पंजीयन के दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए तीन संभावित तारीखें भी चुननी होंगी।

कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला

गेहूं पंजीयन शुरू होने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव से पहले गेहूं पर ₹2700 प्रति क्विंटल और धान पर ₹3100 प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन अब वह अपने वादे से मुकर रही है।

“हमारी कमलनाथ जी की सरकार ने गेहूं पर ₹160 बोनस दिया था। हम मांग करते हैं कि किसानों को गेहूं पर तत्काल ₹500 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए।” — जीतू पटवारी, अध्यक्ष, मध्य प्रदेश कांग्रेस

पटवारी ने कहा कि सरकार के इस रवैये से किसानों में भारी निराशा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। यह मामला अब प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है, जिससे सरकार पर अपने चुनावी वादे को पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।