मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन रविवार, 14 दिसंबर को किया जा रहा है। इस परीक्षा में प्रदेशभर से 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग ने परीक्षा के लिए पूरी तैयारी कर ली है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए 44 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को एक तय समय सीमा में दोनों प्रश्न पत्र हल करने होंगे।
परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, संभागायुक्त कार्यालय में हुई अहम बैठक
परीक्षा को सुचारू, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को संभागायुक्त कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त आयुक्त विकास डीएस रणदा ने की। इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी ढंग से करवाई जाएगी।
67 पदों के लिए हो रही परीक्षा, दो चरणों में होगा चयन
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के कुल 67 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। आयोग द्वारा सितंबर और अक्टूबर माह में आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें खाद्य प्रौद्योगिकी, डेयरी टेक्नोलॉजी, कृषि, बायोकेमिस्ट्री सहित अन्य विषयों में स्नातक डिग्री रखने वाले 17,072 उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया है। चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी, जिसमें पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद आगे की प्रक्रिया शामिल होगी।
परीक्षा पैटर्न: दो पेपर, विषय आधारित प्रश्न
परीक्षा दो खंडों में आयोजित की जाएगी। पहला पेपर सामान्य अध्ययन का होगा, जिसमें मध्य प्रदेश से जुड़े सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाएं और प्रशासनिक विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं दूसरा पेपर विषय आधारित रखा गया है, जिसमें कृषि, जीवविज्ञान, खाद्य विज्ञान और संबंधित विषयों से प्रश्न शामिल होंगे। दोनों ही खंडों में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
परीक्षा संचालन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
परीक्षा के सफल संचालन की जिम्मेदारी संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े को सौंपी गई है। वहीं संयुक्त आयुक्त डीएस रणदा को सह-प्रभारी परीक्षा अधिकारी और प्रो. डीके गुप्ता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी 44 परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और परीक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो।
प्रवेश का समय तय, देर से पहुंचने वालों को नहीं मिलेगी अनुमति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों का प्रवेश सुबह 11:15 बजे से शुरू होगा। वहीं 11:45 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे कारण कुछ भी हो। उम्मीदवारों को अपने निर्धारित कक्ष और सीट नंबर के अनुसार ही बैठना अनिवार्य होगा। परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षकों सहित किसी भी कर्मचारी को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी।
नगर निगम की भी अहम भूमिका, केंद्रों पर मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं
बैठक में यह भी तय किया गया कि नगर निगम द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छता, पेयजल और मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
परीक्षार्थियों को साथ रखना होगा यह जरूरी सामान
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को ई-प्रवेश पत्र, वैध फोटो पहचान पत्र, निर्धारित स्याही वाला पेन और पारदर्शी पानी की बोतल साथ लाना अनिवार्य होगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिव्यांगजन अभ्यर्थियों को सहलेखन की स्थिति में एक घंटे का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर इन वस्तुओं पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों में पेंसिल, रबर, व्हाइटनर, स्केल, बैग, किताबें ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, पेन ड्राइव सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की अनुमति नहीं होगी। वहीं क्लचर, बक्कल, बेल्ट, वॉलेट, कफ-लिंक, चाबी और अन्य कीमती सामान भी उम्मीदवारों को अपने साथ रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।