नारी शक्ति का शंखनाद: इंदौर नगर निगम में महिला नेतृत्व पर विशेष सम्मेलन सत्र कल

इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आज महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। महिला नेतृत्व को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त बनाने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम (IMC) द्वारा 18 अप्रैल को एक विशेष सम्मेलन सत्र का आयोजन किया जा रहा है।
‘वूमेन-लेड एंपावरमेंट’ पर केंद्रित होगा सत्र
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत अब केवल महिलाओं के विकास (Women Empowerment) तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ (Women-led Empowerment) की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में आयोजित किए जा रहे इन विशेष सत्रों की श्रृंखला में इंदौर का यह सम्मेलन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सत्र में मुख्य रूप से महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। नगर निगम इस ऐतिहासिक विधेयक के समर्थन में एक औपचारिक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता और अभिनंदन व्यक्त करेगा।
विविध क्षेत्रों की महिलाओं की भागीदारी
इस सम्मेलन में समाज के हर वर्ग की प्रभावशाली महिलाओं की उपस्थिति रहेगी, जिनमें प्रमुख रूप से:
  • महिला जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक।
  • वरिष्ठ महिला पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता।
  • महिला उद्यमी, खिलाड़ी और स्व-सहायता समूहों की सदस्य।
‘नारी शक्ति फॉर विकसित भारत रन’ से गूंजेगा शहर
सम्मेलन के साथ-साथ आज सुबह इंदौर की सड़कों पर उत्साह का सैलाब भी देखने को मिला। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (MYAS) द्वारा देश के सात प्रमुख शहरों में आयोजित “नारी शक्ति फॉर विकसित भारत रन” के तहत इंदौर में भी भव्य दौड़ का आयोजन किया गया।
दौड़ का विवरण:
  • प्रारंभ: सुबह 6:30 बजे राजवाड़ा से (पंजीकरण के साथ)।
  • मुख्य आकर्षण: अतिथि सम्मान और ‘नारी शक्ति संकल्प’।
  • रूट: राजवाड़ा से गांधी हॉल (लगभग 2-3 किलोमीटर)।
इस दौड़ में कॉलेज की छात्राओं, महिला खिलाड़ियों और उद्यमियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। महापौर के अनुसार, इस प्रकार के आयोजनों से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होगा और वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभा सकेंगी।