पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हालत खराब! इजराइल-ईरान जंग का असर; मंत्रियों की सैलरी पर लगी रोक

Islamabad: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध के हालातों का सबसे घातक असर पाकिस्तान की चरमराती अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे पाकिस्तान में महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है।
हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि शहबाज शरीफ सरकार को अपने मंत्रियों के वेतन पर रोक लगानी पड़ी है, वहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चंद घंटों के भीतर ही बड़े बदलाव करने पड़े हैं।
कैबिनेट मंत्रियों को 6 महीने तक नहीं मिलेगा वेतन
बढ़ते राजकोषीय घाटे और आर्थिक संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। शुक्रवार आधी रात को राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने घोषणा की कि देश के सभी कैबिनेट मंत्रियों का वेतन अगले 6 महीने तक रोक दिया गया है।
गौरतलब है कि पहले सरकार ने मंत्रियों की 2 महीने की सैलरी रोकने का विचार किया था, लेकिन खजाने की हालत देखते हुए इस अवधि को बढ़ाकर आधा साल कर दिया गया। सरकार का तर्क है कि जनता पर पड़ रहे बोझ के बीच सत्ताधारियों को भी त्याग करना होगा।
पेट्रोल की कीमतों में ‘यू-टर्न’: ₹137 की बढ़ोतरी के बाद ₹80 की राहत
पाकिस्तान में पिछले दो दिनों से ईंधन की कीमतों को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। जनता के आक्रोश को देखते हुए सरकार को अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा:
  • पेट्रोल का गणित: दो दिन पहले सरकार ने पेट्रोल पर टैक्स बढ़ाकर इसकी कीमत ₹458 प्रति लीटर के पार पहुंचा दी थी। भारी विरोध के बाद शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोल टैक्स में ₹80 की कटौती कर दी। अब पाकिस्तान में पेट्रोल ₹378 प्रति लीटर मिलेगा।
  • डीजल की मार: डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है। हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत ₹520.35 प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर बरकरार है।
महंगाई की वजह: ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ और अंतरराष्ट्रीय युद्ध
पीएम शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को इस संकट का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने से दुनियाभर में तेल की सप्लाई चेन टूट गई है।

“अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रैंट क्रूड) के दाम 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। पिछले तीन हफ्तों से कीमतें रोजाना बढ़ रही थीं, लेकिन हमने करीब 129 अरब रुपए की सब्सिडी देकर जनता को बचाने की कोशिश की।” – शहबाज शरीफ, प्रधानमंत्री (पाकिस्तान)

विशेष राहत पैकेज: बाइकर्स और किसानों के लिए सब्सिडी
आम जनता को शांत करने के लिए सरकार ने कुछ डायरेक्ट सब्सिडी योजनाओं का भी ऐलान किया है:
  1. बाइकर्स: मोटरसाइकिल चलाने वालों को पेट्रोल पर ₹100 प्रति लीटर की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।
  2. किसान: छोटे किसानों को खेती में मदद के लिए ₹1,500 प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता मिलेगी।
  3. रेलवे: आम आदमी की सवारी ‘पाकिस्तान रेलवे’ के इकोनॉमी क्लास के किरायों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
भारत की स्थिति से तुलना
जहां पाकिस्तान में कीमतें ₹500 के पार जा रही हैं, वहीं पड़ोसी देश भारत ने समय रहते स्थिति को संभालने के प्रयास किए हैं। भारत सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10-₹10 की कटौती की थी, जिससे वहां कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। भारत में पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है।
निष्कर्ष: पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। एक तरफ युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय दबाव है, तो दूसरी तरफ घरेलू मोर्चे पर जनता का आक्रोश और खाली होता खजाना शहबाज सरकार की अग्निपरीक्षा ले रहा है।