गर्भवती महिलाओं के लिए नई सुविधा, अब घर बैठे व्हाट्सएप से होगा रजिस्ट्रेशन, अस्पताल में बिना लाइन के मिलेगा इलाज

भोपाल के सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को अब इलाज के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर पर्चा बनवाने की परेशानी से राहत मिलने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत गर्भवती महिलाएं घर बैठे ही अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी जानकारी भेजकर अस्पताल में पंजीकरण करा सकेंगी। इससे जब महिला अस्पताल पहुंचेगी तो उसका पर्चा पहले से ही तैयार मिलेगा और उसे प्राथमिकता के आधार पर जांच और उपचार की सुविधा दी जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर और बिना परेशानी के स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

इस सुविधा के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने एक विशेष व्हाट्सएप नंबर 9301089967 जारी किया है। गर्भवती महिला या उसके परिजन इस नंबर पर आवश्यक जानकारी भेज सकते हैं, जिसके आधार पर अस्पताल में पहले से ही पंजीकरण कर लिया जाएगा। इससे अस्पताल में आने के बाद उन्हें रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और सीधे डॉक्टर से जांच कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से गर्भवती महिलाओं को अधिक सुविधाजनक और तेज चिकित्सा सेवा मिल सकेगी।

अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था को लागू करने से पहले कई दिनों तक अस्पतालों की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने जयप्रकाश जिला अस्पताल से लेकर काटजू अस्पताल तक विभिन्न अस्पतालों की स्थिति का विश्लेषण किया। इसके लिए अस्पतालों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का अवलोकन किया गया और मौके पर जाकर भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि गर्भवती महिलाओं को पर्चा बनवाने और जांच के लिए अक्सर काफी देर तक कतार में इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें असुविधा होती है।

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। जयप्रकाश जिला अस्पताल और अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों के लिए अलग से विशेष सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में 24 घंटे डॉक्टर और नर्सों की टीम तैनात रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही गर्भवती महिलाओं और उनके साथ आने वाले परिजनों के ठहरने और भोजन की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्भवती महिलाओं को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि कई बार भीड़ या लंबी प्रक्रिया के कारण महिलाएं समय पर जांच नहीं करा पाती थीं, जिससे जोखिम बढ़ जाता था। अब व्हाट्सएप के माध्यम से पहले ही जानकारी मिलने पर अस्पताल प्रशासन पर्चा तैयार कर लेगा और महिला के पहुंचते ही उसे प्राथमिकता के साथ जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।