स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-2026 की टूल किट जारी, 10 अध्याय और 173 बिंदुओं पर होगा मूल्यांकन

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर सोमवार को सीटी बस ऑफिस में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी सर्वेक्षण के मापदंडों के अनुसार शहर में स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना रहा। इसमें नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्य अमले, एसबीएम कोर टीम, एनजीओ प्रतिनिधियों और तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया।

जारी हुई स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की नई टूल किट

बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की नई टूल किट जारी कर दी गई है। इस वर्ष का सर्वेक्षण एक साथ वर्ष 2025-26 के लिए किया जाएगा और यह स्वच्छ सर्वेक्षण का 10वां संस्करण होगा। इसकी थीम रखी गई है— “स्वच्छता की नई पहल, बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ”। टूल किट के अनुसार सर्वेक्षण 10 अध्यायों और 173 उप बिंदुओं पर आधारित होगा।

स्वच्छता के हर पहलू को किया गया शामिल

नई गाइडलाइन में कचरा पृथक्करण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच, प्रयुक्त जल प्रबंधन, जनजागरूकता अभियान, स्वच्छता कर्मचारियों का समग्र कल्याण, नागरिक फीडबैक और शिकायत निवारण जैसे बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही पर्यटन और विरासत स्थलों पर विशेष सफाई व्यवस्था, स्कूलों में स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम और स्वच्छ शहर जोड़ियों के लिए नई पुरस्कार श्रेणियों को भी शामिल किया गया है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स भी बना मूल्यांकन का हिस्सा

इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइडलाइन में एयर क्वालिटी इंडेक्स को भी शामिल किया गया है। इसके तहत वर्षभर नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक पर काम किया जाएगा। व्यवसायिक क्षेत्रों में अनिवार्य स्वच्छता व्यवस्था, तालाबों के आसपास विशेष सफाई, सी एंड डी वेस्ट का समुचित प्रबंधन, स्कूल-कॉलेजों में स्वच्छता जागरूकता और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

गाइडलाइन के अनुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक में सभी ज़ोनल अधिकारियों और स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए गए कि स्वच्छ सर्वेक्षण की नई टूल किट में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सड़कों या खुले स्थानों पर निर्माण सामग्री और सी एंड डी वेस्ट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने तथा इसे निर्धारित प्लांट तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

स्कूलों और बच्चों पर विशेष फोकस

स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए शासकीय और निजी स्कूलों के शौचालयों को तय मानकों के अनुसार साफ रखने, स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जहां बच्चों का नियमित आवागमन होता है, वहां विशेष सफाई पर जोर दिया गया। साथ ही बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में नियमित विजिट और प्रार्थना सभा के दौरान स्वच्छता संदेश देने के निर्देश भी दिए गए।

रात्रिकालीन सफाई और बाजार क्षेत्रों पर नजर

मुख्य बाजारों, प्रमुख मार्गों और बैकलेन में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। नालों और बैकलेन की नियमित सफाई, कचरा फैलाने से रोकने के लिए नागरिकों के सहयोग से सीसीटीवी कैमरे और गेट लगाने तथा कचरा फेंकने वालों पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

नियमित समीक्षा से तेज होगी तैयारियां

स्वच्छ सर्वेक्षण को सफल बनाने के लिए सभी ज़ोनल अधिकारियों और संबंधित अमले को प्रति सप्ताह समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि तय मापदंडों के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।