Ujjain News :नए साल 2026 के पहले दिन बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरुवार तड़के से ही उज्जैन की सड़कें “जय महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठीं। वर्ष के प्रथम दिन बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अवंतिका नगरी पहुंचे।
पंचामृत अभिषेक और दिव्य राजा स्वरूप श्रृंगार
नए साल की पहली भस्म आरती विशेष और भव्य रही। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही परंपरा अनुसार बाबा महाकाल का विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। इसके बाद पंडे-पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से महाकाल का अभिषेक पूजन किया।
अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल का ‘राजा स्वरूप’ में मनमोहक श्रृंगार किया गया। बाबा के मस्तक पर रजत त्रिपुंड, त्रिशूल और मोगरे के साथ सूखे मेवों की माला सुशोभित की गई। श्रृंगार में भांग, चंदन और सिंदूर का प्रयोग कर उन्हें दिव्य रूप दिया गया। भगवान ने शेषनाग का रजत मुकुट, मुंडमाला और रजत जड़ी रुद्राक्ष की माला धारण की। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित किए जाते ही पूरा मंदिर परिसर भक्ति के चरम पर पहुंच गया।
क्रिकेट सितारों ने टेका मत्था
नए साल पर बाबा का आशीर्वाद लेने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज खिलाड़ी भी उज्जैन पहुंचीं। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, राधा यादव, स्नेह राणा और अरुंधति रेड्डी ने भस्म आरती में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रबंध समिति के उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत और सम्मान किया।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: 2.5 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद
प्रशासन के अनुसार, नव वर्ष के पहले दिन करीब 2.5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं:
फोर्स: 1200 पुलिसकर्मी और 150 महिला पुलिसकर्मी तैनात।
तकनीक: 200 सीसीटीवी कैमरे और 5 ड्रोन से निगरानी।
विशेष दल: अश्वरोही दल (घुड़सवार पुलिस) भी भीड़ नियंत्रण में सक्रिय।
दर्शन की नई व्यवस्था और मार्ग
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रवेश के लिए विशेष मार्ग तय किए गए हैं:
भस्म आरती: प्रवेश नीलकंठ द्वार से।
चलित भस्म आरती: प्रवेश त्रिवेणी द्वार से।
सामान्य दर्शन: श्रद्धालु चारधाम पथ से शक्तिपथ होते हुए त्रिवेणी मार्ग से मानसरोवर पहुंच रहे हैं।
जूता स्टैंड: भक्तों की सुविधा के लिए चारधाम पर बड़ा जूता स्टैंड बनाया गया है।
देर रात तक जारी रहेंगे दर्शन
बुधवार रात 1 बजे से ही भक्त लाइनों में लग गए थे। मंदिर के कपाट गुरुवार रात 11 बजे तक खुले रहेंगे, ताकि बाहर से आने वाले हर श्रद्धालु को बाबा महाकाल के दर्शन सुलभ हो सकें। भक्तों का मानना है कि साल के पहले दिन महाकाल के दर्शन से पूरा वर्ष मंगलमय और ऊर्जावान व्यतीत होता है।