New Delhi: केंद्र सरकार ने आम आदमी, विशेषकर प्रवासी मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत देते हुए 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति सीमा को दोगुना करने का निर्णय लिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के बीच घरेलू ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कोटा बढ़ा दिया गया है। अब यह ‘छोटू’ सिलेंडर आपके नजदीकी किराना स्टोर और पेट्रोल पंप पर भी आसानी से उपलब्ध होगा।
प्रवासियों और छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
सरकार का यह फैसला मुख्य रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर लिया गया है जो काम या पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहते हैं। अक्सर किराए के मकान में रहने वाले प्रवासियों के पास स्थायी एड्रेस प्रूफ नहीं होता, जिससे उन्हें बड़ा गैस कनेक्शन लेने में कठिनाई होती है।
नियमों में बड़े बदलाव:
बिना एड्रेस प्रूफ की सुविधा: अब 5KG का सिलेंडर लेने के लिए स्थानीय पते के प्रमाण (Address Proof) की जरूरत नहीं होगी।
सिर्फ फोटो आईडी अनिवार्य: ग्राहक आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी जैसे सामान्य दस्तावेज दिखाकर तुरंत सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
नो सिक्योरिटी डिपॉजिट: इस छोटे सिलेंडर को खरीदने के लिए किसी भारी-भरकम सिक्योरिटी राशि को जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
क्यों बढ़ाई गई सप्लाई?
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालात के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। एनर्जी लॉजिस्टिक्स पर पड़ते असर को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह अग्रिम कदम उठाया है। सरकार ने 2-3 मार्च की औसत बिक्री के आधार पर अतिरिक्त स्टॉक जारी किया है, जो पहले से तय 20% की लिमिट के अतिरिक्त होगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, छोटे सिलेंडरों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। 23 मार्च से अब तक लगभग 6.6 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिसमें से अकेले 4 अप्रैल को ही 90,000 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री हुई।
कहां-कहां उपलब्ध होगा ‘छोटू’ सिलेंडर?
ग्राहकों की सुविधा के लिए वितरण केंद्रों का दायरा बढ़ा दिया गया है:
गैस एजेंसियां: इंडेन, एचपी और भारत गैस के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास।
पेट्रोल पंप: तेल कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स पर।
स्थानीय बाजार: चुनिंदा किराना दुकानों और सुपरमार्केट में।
मदद के लिए 11 विशेष हेल्प डेस्क
प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए सरकार ने HPCL के चुनिंदा आउटलेट्स पर 11 हेल्प डेस्क स्थापित की हैं। ये डेस्क ग्राहकों को नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर की जानकारी देने और बिना किसी परेशानी के सिलेंडर दिलाने में मार्गदर्शन करेंगे।
डिजिटल बुकिंग का बढ़ा क्रेज
एक तरफ जहां छोटे सिलेंडरों की मांग बढ़ी है, वहीं घरेलू गैस (14.2 KG) की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर है। हाल ही में एक ही दिन में 51 लाख से ज्यादा डोमेस्टिक सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। खास बात यह है कि कुल मांग का 95% हिस्सा अब ऑनलाइन बुकिंग के जरिए आ रहा है, जो डिजिटल इंडिया की बढ़ती पैठ को दर्शाता है।
सरकार के इस कदम से उन लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा जो कम बजट में सुरक्षित और सुलभ ईंधन की तलाश में रहते हैं। अब वे साल में जितनी बार चाहें, उतनी बार इसे रिफिल करवा सकते हैं।