Bhopal News : भोपाल में अयोध्या बायपास को 10 लेन में तब्दील करने की परियोजना पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। ट्रिब्यूनल ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित 7,871 पेड़ों की कटाई पर 8 जनवरी तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 8 जनवरी को होगी।
एनजीटी की जस्टिस पुष्पा सत्यनारायणा और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। ट्रिब्यूनल ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि केंद्रीय अधिकार समिति (CEC) की बैठक के मिनट्स अभी तक पेश नहीं किए गए हैं।

पीठ ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक प्रोजेक्ट स्थल पर पेड़ों की कटाई नहीं की जाए। हालांकि, एनएचएआई (NHAI) को पेड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना सड़क निर्माण का अन्य कार्य जारी रखने की छूट दी गई है।
पर्यावरण प्रेमियों का ‘चिपको’ आंदोलन
पेड़ों को बचाने के लिए शहर के पर्यावरणविद और आम नागरिक लामबंद हो गए हैं। गुरुवार दोपहर 2 बजे अयोध्या बायपास स्थित काकड़ा फार्म हाउस पर बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। ये लोग पेड़ों से लिपटकर उन्हें बचाने की गुहार लगाएंगे, जो ऐतिहासिक ‘चिपको आंदोलन’ की तर्ज पर होगा।
पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। उनका तर्क है कि जिन पेड़ों को काटा जा रहा है, उनकी उम्र 40 से 80 साल के बीच है। इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट सुयश कुलश्रेष्ठ और पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी का कहना है कि वर्तमान में चार लेन की सड़क को बढ़ाकर छह लेन करना पर्याप्त है। 10 लेन की सड़क बनाने के लिए हजारों पुराने पेड़ों की बलि देना उचित नहीं है। यदि छह लेन सड़क बनती है, तो हरियाली भी बचेगी और ट्रैफिक की समस्या भी हल हो जाएगी।
NHAI का तर्क: सुरक्षा और भविष्य की जरूरत
दूसरी ओर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का कहना है कि सीईसी की बैठक के मिनट्स एनजीटी में पेश कर दिए गए हैं और वे अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नुवल के अनुसार, अयोध्या बायपास की क्षमता 40 हजार वाहनों की है, जबकि वर्तमान में यहां से प्रतिदिन 45 हजार वाहन गुजरते हैं। यह सड़क विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर के भारी ट्रैफिक का मुख्य मार्ग है।

NHAI ने तर्क दिया है कि 2050 तक के ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 10 लेन (मुख्य 6 लेन और दोनों तरफ 2-2 सर्विस लेन) का निर्माण जरूरी है। इससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा।
81 हजार नए पौधे लगाने का दावा
NHAI ने स्पष्ट किया है कि 7,871 पेड़ों की कटाई के बदले कुल 81 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए करीब 20 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
- बायपास के किनारे: 10 हजार छायादार और फलदार पौधे।
- नगर निगम क्षेत्र में: 10 हजार अतिरिक्त पौधे पार्क और खाली जमीनों पर।
- राजस्व वन क्षेत्र: झिरनिया और जागरियापुर में 61 हजार से अधिक पौधे लगाकर विकसित वन क्षेत्र बनाया जाएगा।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। सोमवार को पेड़ कटाई की शुरुआत होते ही कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया और जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर और मास्क पहनकर प्रदर्शन किया था। उनका कहना है कि विकास के नाम पर 100 साल पुराने पेड़ों का विनाश स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि 16 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 836.91 करोड़ रुपए है। इसे आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक विकसित किया जाना है। इसमें तीन बड़े फ्लाईओवर भी शामिल हैं।