मध्यप्रदेश में आम जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। नगर निगम से जुड़े टैक्स, अतिक्रमण और अन्य विवादों के मामलों को सरल और तेज़ी से निपटाने के लिए अब चलित न्यायालय की शुरुआत की गई है। इस अभिनव पहल की शुरुआत जबलपुर से हुई है, जहां गणतंत्र दिवस के अवसर पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने मोबाइल कोर्ट बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
‘न्याय आपके दरवाजे’—चलित न्यायालय की अवधारणा
इस विशेष वाहन को ‘न्याय आपके दरवाजे’ नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य न्यायिक सेवाओं को सीधे नागरिकों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट के कई न्यायाधीशों के साथ नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार, महापौर जगत बहादुर अन्नू और निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस पहल से ‘जस्टिस एट द डोरस्टेप’ की अवधारणा को ज़मीन पर उतारा गया है, जिससे लोगों को समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।
नगर निगम मामलों में त्वरित सुनवाई का लक्ष्य
नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि इस चलित न्यायालय का मुख्य उद्देश्य निगम से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करना है। नगर निगम के अंतर्गत कई ऐसे प्रकरण होते हैं, जिनमें न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा तत्काल निर्णय आवश्यक होता है। मोबाइल कोर्ट बस के माध्यम से ऐसे मामलों का मौके पर ही समाधान संभव हो सकेगा, जिससे प्रक्रिया सरल और प्रभावी बनेगी।
वार्ड स्तर पर समस्याओं का मौके पर समाधान
कमिश्नर ने यह भी कहा कि टैक्स, राजस्व और अन्य विवादों के मामलों में नागरिकों को अक्सर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अब इस चलित न्यायालय के जरिए निगम के मजिस्ट्रेट सीधे वार्डों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और वहीं पर उनका निराकरण करेंगे। उन्होंने बताया कि यह मध्यप्रदेश की पहली चलित न्यायालय गाड़ी है, जो प्रशासनिक और न्यायिक सुधार की दिशा में एक मिसाल बनेगी।
जबलपुर नगर निगम का नवाचार, आगे बढ़ेगी संख्या
महापौर जगत बहादुर अन्नू ने इस पहल को जबलपुर नगर निगम का एक महत्वपूर्ण नवाचार बताया। उनका कहना है कि इस गाड़ी के संचालन से निगम से संबंधित किसी भी मामले में नागरिकों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिस वार्ड में यह मोबाइल कोर्ट पहुंचेगी, वहीं मजिस्ट्रेट बैठकर मामलों का तुरंत निपटारा करेंगे। महापौर ने संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे।
जनता को राहत और व्यवस्था में पारदर्शिता
कुल मिलाकर, चलित न्यायालय की यह पहल न्यायिक प्रक्रिया को न सिर्फ तेज़ बनाएगी, बल्कि आम लोगों के लिए इसे अधिक सुलभ और पारदर्शी भी करेगी। ‘न्याय आपके दरवाजे’ जैसे प्रयास से प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर विवादों का समाधान आसान हो सकेगा।