Indore News: मध्य प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महाराजा यशवंतराव (MYH), इंदौर में सोमवार से राज्य के पहले ‘बेरियाट्रिक (मोटापा) और मेटाबोलिक क्लिनिक’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब मोटापे से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को लाखों रुपये खर्च करने के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
निजी अस्पतालों के भारी खर्च से मिलेगी मुक्ति
आमतौर पर बेरियाट्रिक सर्जरी (वजन घटाने का ऑपरेशन) एक महंगा इलाज माना जाता है। निजी अस्पतालों में इस सर्जरी का खर्च 4 से 5 लाख रुपये तक आता है, जो एक आम आदमी की पहुंच से बाहर है। निजी अस्पतालों में बेरिएट्रिक सर्जरी के लिए लाखों रुपए वसूले जाते है लेकिन अब सरकारी अस्पताल इसी सर्जरी को मरीज मुफ्त में करवा पाएगा।
इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने क्लिनिक का उद्घाटन करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों के लिए यह जटिल सर्जरी अब एमवाय अस्पताल में बिल्कुल मुफ्त की जाएगी।
क्यों पड़ी इस क्लिनिक की जरूरत?
आजकल की बदलती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों के कारण मोटापा एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। डॉ. खाड़े के अनुसार, मोटापा केवल शरीर का वजन बढ़ना नहीं है, बल्कि यह कई जानलेवा बीमारियों की जड़ है। इस क्लिनिक के माध्यम से मरीजों को निम्नलिखित खतरों से बचाने का प्रयास किया जाएगा:
टाइप-2 डायबिटीज: वजन कम होने से शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
उच्च रक्तचाप (BP): हृदय रोगों के खतरे को कम करना।
जोड़ों का दर्द: वजन कम होने से घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम होता है।
स्लीप एपनिया: सांस लेने संबंधी समस्याओं में सुधार।
सफलता की कहानियां: सर्जरी के बाद बदली जिंदगी
अस्पताल में इस सुविधा के शुरू होते ही सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।
गुल अफशां (30 वर्ष): खजराना की रहने वाली गुल का वजन 120 किलो था। सर्जरी के मात्र डेढ़ महीने बाद उनका वजन 97 किलो रह गया है और उनकी डायबिटीज भी अब नियंत्रण में है।
सुषमा भिलवारे: इनका वजन 103 किलो से घटकर अब 70 किलो पर आ गया है, जिससे उन्हें बीपी और सांस फूलने जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिली है।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी ये सुविधाएं
एमवाय अस्पताल का यह क्लिनिक ‘वन-स्टॉप सेंटर’ की तरह काम करेगा, जहाँ मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा:
विशेषज्ञ काउंसलिंग: मरीजों को डाइट और लाइफस्टाइल के बारे में सलाह।
प्रारंभिक जांच: मोटापे के कारणों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक टेस्ट।
एडवांस सर्जरी: जरूरत पड़ने पर अत्याधुनिक मशीनों द्वारा बेरियाट्रिक ऑपरेशन।
फॉलो-अप: सर्जरी के बाद रिकवरी की पूरी निगरानी।
सरकारी क्षेत्र में इस तरह की पहल से न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के मरीजों को लाभ मिलेगा। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।