जोमैटो से खाना मंगवाना हुआ महंगा: प्लेटफॉर्म फीस में 19% का उछाल, जानें अब हर ऑर्डर पर कितनी ढीली करनी होगी जेब

New Delhi: अगर आप ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके बजट को प्रभावित कर सकती है। देश के दिग्गज फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने शुक्रवार से अपनी प्लेटफॉर्म फीस में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कंपनी ने हर ऑर्डर पर लगने वाली इस फीस को 19% तक बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर करोड़ों ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
अब ₹12.50 के बजाय देने होंगे ₹14.90
जोमैटो ने अपने प्लेटफॉर्म शुल्क को ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दिया है। यानी अब ग्राहकों को हर एक ऑर्डर पर ₹2.40 अतिरिक्त चुकाने होंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह केवल बेस फीस है; जीएसटी (GST) जुड़ने के बाद यह कुल राशि और अधिक हो जाएगी।
यह शुल्क रेस्तरां चार्ज, डिलीवरी फीस और जीएसटी से पूरी तरह अलग होता है, जो सीधे कंपनी के खाते में जाता है। जोमैटो रोजाना औसतन 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है, ऐसे में मात्र ₹2.40 की यह बढ़ोतरी कंपनी के राजस्व में करोड़ों का इजाफा करेगी।
क्यों बढ़ी फीस? कच्चे तेल की कीमतें और मुनाफा है वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य कारण हैं:
  1. ऑपरेशनल कॉस्ट और कच्चा तेल: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी ऑपरेशन्स का खर्च बढ़ गया है। डिलीवरी पार्टनर्स के पेट्रोल का खर्च बढ़ने से कंपनी पर दबाव बढ़ा है।
  2. प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफा): जोमैटो लगातार अपनी प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने की कोशिश कर रहा है। अगस्त 2023 में कंपनी ने महज ₹2 से इस फीस की शुरुआत की थी, जो महज 7 महीनों में दूसरी बार बढ़कर अब लगभग ₹15 के करीब पहुँच गई है।
इस बढ़ोतरी के साथ जोमैटो अब अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी स्विगी (Swiggy) के बराबर पहुँच गया है, जो वर्तमान में टैक्स समेत लगभग ₹14.99 प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है।
‘फूडीबे’ से ‘यूनिकॉर्न’ तक का सफर
जोमैटो की शुरुआत साल 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने ‘फूडीबे’ (FoodieBay) नाम से एक फूड डायरेक्टरी वेबसाइट के रूप में की थी।
  • 2010: कंपनी का नाम बदलकर ‘जोमैटो’ किया गया।
  • 2012-13: कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूएई, यूके, फिलीपींस और कतर जैसे देशों में विस्तार किया।
  • यूनिकॉर्न स्टेटस: जोमैटो भारत का पहला ‘फूड-टेक यूनिकॉर्न’ बना (1 बिलियन डॉलर से ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी)।
  • हालिया सफलता: वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में कंपनी ने पहली बार ₹2 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज कर इतिहास रचा था।
आज जोमैटो केवल फूड डिलीवरी तक सीमित नहीं है। अगस्त 2022 में ब्लिंकिट (Blinkit) को खरीदने के बाद कंपनी क्विक कॉमर्स (ग्रॉसरी डिलीवरी) में भी मार्केट लीडर बनी हुई है। हालाकि, बार-बार बढ़ती फीस ग्राहकों के लिए चिंता का विषय जरूर है।