मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित ओरिएंटल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ फार्मेसी, OCPR और UIP ने एम.पी. एनजीओ महासंघ के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण से जुड़े संस्थागत प्रयासों का हिस्सा रहा। शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की भागीदारी दर्ज की गई।
आयोजन के दौरान सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। औरबिंदो हॉस्पिटल, इंदौर से डॉ. प्रज्वल पाटीदार (एमडी) और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया ने परामर्श दिया। परामर्श में सामान्य रोगों के साथ त्वचा और बालों से संबंधित समस्याओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन शामिल रहा।
शिविर में किन सेवाओं पर रहा फोकस
शिविर का ढांचा प्राथमिक स्तर की समय पर पहचान और आवश्यक सलाह पर आधारित रखा गया। इसी क्रम में एनीमिया, उच्च रक्तचाप और अन्य संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान के लिए निःशुल्क हीमोग्लोबिन जांच और रक्तचाप मापन किया गया। आयोजकों ने इसे नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में जरूरी कदम बताया।
फार्मेसी फैकल्टी की ओर से बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य केवल परीक्षण कराना नहीं, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी के लिए प्रेरित करना भी था। शिविर में उपस्थित लोगों को चिकित्सक से सीधे बातचीत का अवसर मिला, जिससे लक्षणों, जीवनशैली और आगे की जांच संबंधी सलाह स्पष्ट रूप में मिल सकी।
फिजियोथेरेपी सत्र भी रहे शामिल
आयोजन में एक योग्य फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा निःशुल्क फिजियोथेरेपी सत्र भी संचालित किए गए। इन सत्रों में मांसपेशियों और अस्थि दर्द, गलत पोस्चर से जुड़ी समस्याओं तथा गतिशीलता में कमी जैसे मुद्दों पर आकलन और मार्गदर्शन दिया गया। जरूरतमंद प्रतिभागियों को व्यावहारिक सुधार उपाय और आगे अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
विश्वविद्यालय के मुताबिक, इस तरह की सेवाएं खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होती हैं, जो शुरुआती दर्द या असुविधा को नजरअंदाज करते रहते हैं। शिविर मॉडल का उद्देश्य ऐसे मामलों में प्रारंभिक स्तर पर पहचान, सलाह और रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराना रहा।
नेतृत्व और प्रशासनिक सहयोग
संस्थान ने बताया कि कार्यक्रम श्री प्रवीण ठकराल, माननीय चांसलर; प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई, माननीय प्रो-चांसलर; श्री गौरव ठकराल, माननीय प्रो-चांसलर; प्रो. (डॉ.) गरिमा घई, माननीय चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर; और प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे, माननीय कुलपति के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
आयोजन के संचालन में श्री अजयेंद्र नाथ, उप-पंजीयक एवं डीन, फार्मेसी; प्रो. (डॉ.) सुधा वेंगुरलेकर; और प्रो. (डॉ.) सचिन के. जैन, प्राचार्य, फार्मेसी का प्रशासनिक सहयोग रहा। विश्वविद्यालय ने कहा कि समन्वय, समयबद्ध प्रबंधन और टीम सहयोग ने शिविर के संचालन को व्यवस्थित बनाने में भूमिका निभाई।
सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ा संदेश
आयोजकों ने शिविर से जुड़े चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और एम.पी. एनजीओ महासंघ का सहयोग के लिए आभार जताया। संस्थान के अनुसार, इस तरह की पहलों से सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक सहभागिता मजबूत करने और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में व्यावहारिक योगदान देने में मदद मिलती है।
विश्वविद्यालय ने संकेत दिया कि चिकित्सकीय परामर्श, त्वचा और बाल संबंधी सलाह, फिजियोथेरेपी तथा बुनियादी जांच जैसी सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराने का मॉडल आगे भी स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में उपयोगी रहेगा।