देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। वर्ष 2026 के लिए कुल 131 महान विभूतियों को उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस सूची में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। हर साल की तरह इस बार भी इन पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस के अवसर पर की गई है, जबकि सम्मान प्रदान करने का औपचारिक समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होगा।
धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण
इस वर्ष का सबसे चर्चित नाम महान अभिनेता धर्मेंद्र का है, जिन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। भारतीय सिनेमा में उनके दशकों लंबे योगदान, लोकप्रियता और प्रभाव को देखते हुए यह सम्मान सिनेप्रेमियों के लिए भावनात्मक क्षण बन गया है। उनके साथ कला, साहित्य, खेल, विज्ञान, चिकित्सा, उद्योग और सामाजिक सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों के दिग्गजों को भी देश ने नमन किया है।
विदेशी और प्रवासी भारतीयों को भी मिला सम्मान
पद्म पुरस्कारों की सूची में इस बार 6 विदेशी/NRI/PIO/OCI वर्ग के लोगों को भी शामिल किया गया है। इनमें 2 हस्तियों को पद्म भूषण और 4 को पद्म श्री से नवाजा गया है। पद्म भूषण पाने वालों में अमेरिका के डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु (चिकित्सा) और प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज (खेल) शामिल हैं। वहीं पद्म श्री सम्मान जर्मनी के प्रो. लार्स क्रिश्चियन कोख (कला), रूस की ल्यूडमिला खोखलोवा (साहित्य एवं शिक्षा), अमेरिका के प्रतीक शर्मा (चिकित्सा) और जॉर्जिया के व्लादिमेर मेस्त्विरिश्विली (मरणोपरांत, खेल) को दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
पद्म पुरस्कारों की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सम्मानित हस्तियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों का समर्पण, उत्कृष्टता और सेवा भावना देश और समाज को सशक्त बनाती है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों के प्रति देश की कृतज्ञता को दर्शाता है।
113 हस्तियों को मिला पद्म श्री सम्मान
इस वर्ष पद्म श्री पुरस्कार पाने वालों की सूची बेहद विस्तृत और विविध है। इसमें खेल जगत से रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर, सविता पुनिया जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।
इसके अलावा साहित्य, शिक्षा, कला, विज्ञान, चिकित्सा, कृषि, रेडियो प्रसारण, अध्यात्म और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले अनेक अनसुने नायकों को भी इस बार पहचान मिली है। कई सम्मान मरणोपरांत भी दिए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि देश अपने योगदानकर्ताओं को कभी नहीं भूलता।
हर क्षेत्र का सम्मान, हर योगदान को पहचान
पद्म पुरस्कारों की खास बात यह है कि इसमें केवल बड़े नाम ही नहीं, बल्कि ग्रासरूट लेवल पर समाज बदलने वाले लोग भी शामिल होते हैं। कोई लोक कला को जीवित रखने वाला कलाकार है, तो कोई दूरदराज़ इलाकों में चिकित्सा सेवा देने वाला डॉक्टर। कोई किसान नवाचार कर रहा है, तो कोई शिक्षक पीढ़ियों को दिशा दे रहा है।