Pakistan Stock Market: पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पड़ोसी देशों के वित्तीय बाजारों को भी हिलाकर रख दिया है।
हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) में भीषण तबाही देखी गई। शुरुआती कारोबार के मात्र एक घंटे के भीतर KSE-100 इंडेक्स लगभग 9% यानी 15,000 अंक तक टूट गया।
बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि KSE-30 इंडेक्स अपनी लोअर सर्किट लिमिट को पार कर गया, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में हड़कंप मच गया और विनियामकों को कुछ समय के लिए कारोबार रोकना पड़ा।
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि पूरी तरह से भू-राजनीतिक (Geopolitical) अस्थिरता का परिणाम है।
ईरान-इजरायल युद्ध का खतरा: ईरान और इजरायल के बीच हालिया मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई ने निवेशकों के बीच डर पैदा कर दिया है।
भौगोलिक निकटता: पाकिस्तान की सीमा ईरान से लगती है। युद्ध की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक मार्ग सीधे तौर पर प्रभावित होने की आशंका है।
तेल और ऊर्जा संकट: यदि तनाव लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है; ऐसे में तेल की बढ़ती कीमतें उसके आयात बिल को बढ़ाकर महंगाई और चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को बेकाबू कर सकती हैं।
इन सेक्टरों पर गिरी सबसे ज्यादा गाज
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई, जिसमें दिग्गज कंपनियों के शेयर भी नहीं बच पाए:
बैंकिंग सेक्टर: MCB बैंक, हबीब बैंक (HBL) और मीजान बैंक जैसे बड़े शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
एनर्जी सेक्टर: सप्लाई चेन प्रभावित होने के डर से पाकिस्तान पेट्रोलियम (PPL) और तेल व गैस विकास कंपनी (OGDC) के शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।
अन्य: सीमेंट, फर्टिलाइजर और ऑटोमोबाइल सेक्टर भी लाल निशान में बंद हुए।
आगे क्या?
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की रिकवरी अब पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर निर्भर है। यदि खाड़ी देशों में तनाव कम नहीं होता, तो निवेशकों का भरोसा डगमगाया रहेगा और आने वाले दिनों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।