वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनकी युति का विशेष महत्व माना जाता है। ग्रहों के राशि परिवर्तन से न केवल मौसम और देश-दुनिया पर असर पड़ता है, बल्कि यह सामान्य जनजीवन को भी गहराई से प्रभावित करता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना घटने जा रही है। मकर राशि में एक साथ पांच प्रमुख ग्रह एकत्रित होंगे, जिससे ‘पंचग्रही योग’ का निर्माण होगा।
इस अद्भुत संयोग में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और शनि एक ही राशि यानी मकर में विराजमान होंगे। ज्योतिष शास्त्र में इतने सारे ग्रहों का एक साथ आना एक बड़ी घटना मानी जाती है। यह युति विशेष रूप से तीन राशियों के लिए बेहद शुभ और फलदायी साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि यह दुर्लभ योग किन राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
मेष राशि: करियर में मिलेगी नई ऊंचाइयां
मेष राशि के जातकों के लिए साल 2026 का यह पंचग्रही योग वरदान साबित हो सकता है। यह युति आपकी राशि के कर्म भाव यानी दसवें स्थान पर बनने जा रही है। ज्योतिष में दसवां भाव करियर और कारोबार का कारक माना जाता है। इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलताएं मिल सकती हैं।
नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के प्रबल योग बन रहे हैं। इसके साथ ही मनचाही जगह पर स्थानांतरण की इच्छा भी पूरी हो सकती है। जो लोग अपना व्यापार कर रहे हैं, उन्हें इस अवधि में अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। बेरोजगार युवाओं को नई नौकरी के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। पिता के साथ संबंधों में सुधार आएगा और उनका सहयोग आपके लिए लाभकारी रहेगा।
सिंह राशि: शत्रुओं पर मिलेगी विजय
सिंह राशि वालों के लिए भी यह समय बेहद अनुकूल रहने वाला है। पंचग्रही योग आपकी गोचर कुंडली के छठे भाव में बनेगा। छठा भाव शत्रु, रोग और मुकदमेबाजी का कारक होता है। इस दौरान आप अपने विरोधियों पर हावी रहेंगे और कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता प्राप्त करेंगे।
पुराने समय से चला आ रहा कोई निवेश इस समय अच्छा रिटर्न दे सकता है। आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। जो लोग शेयर बाजार, सट्टा या लॉटरी जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें आकस्मिक धनलाभ होने के संकेत हैं। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतना आवश्यक होगा, लेकिन कुल मिलाकर यह समय आपके पक्ष में रहेगा।
तुला राशि: भौतिक सुख-सुविधाओं में होगी वृद्धि
तुला राशि के जातकों के लिए यह पंचग्रही योग सुख-समृद्धि लेकर आ सकता है। यह युति आपकी राशि के चौथे भाव में बनने जा रही है। चौथा भाव माता, वाहन और भूमि-भवन का माना जाता है। इस दौरान आप कोई नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना सकते हैं, जो आपके लिए शुभ रहेगा।
भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और माता के साथ आपके संबंध मधुर होंगे। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ मिलने के आसार हैं। जो लोग रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी डीलिंग या जमीन-जायदाद के कारोबार से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय विशेष रूप से मुनाफा देने वाला साबित हो सकता है। यह अवधि आपके पारिवारिक जीवन में भी खुशहाली लाएगी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। जनसत्ता या लेखक इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।